कॉलेज की छात्रा को अनजान मोबाइल से भेजा जा रहा अश्लील मैसेज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Oct 2015 7:35 AM (IST)
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दुमका : एएन कॉलेज दुमका में बीए पार्ट-वन में पढ़ने वाली एक छात्रा को पिछले दस-ग्यारह दिनों से लगातार अश्लील मैसेज और कॉल आ रहे हैं. छात्रा को भेजे जाने वाले मैसेज में उसकी मां और बहन के बारे में भी अश्लील बातें लिखकर भेजी गयी है, जिसे पूरा परिवार दहशत में है. छात्रा की […]
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दुमका : एएन कॉलेज दुमका में बीए पार्ट-वन में पढ़ने वाली एक छात्रा को पिछले दस-ग्यारह दिनों से लगातार अश्लील मैसेज और कॉल आ रहे हैं. छात्रा को भेजे जाने वाले मैसेज में उसकी मां और बहन के बारे में भी अश्लील बातें लिखकर भेजी गयी है, जिसे पूरा परिवार दहशत में है.
छात्रा की शिकायत है कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ही इसकी सूचना पुलिस को दी है, लेकिन अब तक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. छात्रा, उसकी बहन और मां इस मामले में डीएसपी पितांबर सिंह खेरवार से सोमवार को उनके कार्याजलय में मिलने पहुंची थी. डीएसपी श्री खेरवार ने उन्हें इस मामले में कार्रवाई करने का भरोसा जताया है.
डरी-सहमी है छात्रा
छात्रा के पिता का निधन हो चुका है. परिवार में पुरुष सदस्य नहीं हैं. अनजान व्यक्ति द्वारा इस तरह के कॉल और अश्लील मैसेज ने उन्हें परेशान कर रखा है. डरी-सहमी छात्रा को कॉलेज-टयूशन ही नहीं आस-पड़ोस में निकलने तक में डर लग रहा है. पूर्व में यह छात्रा रांची में पढ़ाई कर रही थी और पिछले वर्ष से दुमका में है.
क्या कहते हैं डीएसपी
डीएसपी पीतांबर सिंह खेरवार नेकहा कि आज सोमवार को छात्रा और उसकी मां उनसे मिलने पहुंची थी. इनलोगों ने बताया कि मुफस्सिल थाना को उन्होंने सूचना दी है. इस मामले में तहकीकात की जायेगी और शिकायत पर जल्द अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी.
क्या कहते हैं साइबर एक्सपर्ट
इस तरह के मैसेज अगर एक के बाद एक आ रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें. अपने मोबाइल में उस नंबर को ब्लॉक करें. संबंधित कंपनी के कस्टमर केयर (ग्राहक सेवा) के टॉल फ्री नंबर पर कॉल कर उस नंबर की जानकारी दें. अपने अभिभावक को सूचित करें और इसकी जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशन को दें.
अभिभावक भी रखे बच्चों पर पैनी नजर
बच्चों को बंद कमरे में कंप्यूटर या मोबाइल न दें. कंप्यूटर हमेशा सार्वजनिक जगह पर रखें. मोबाइल और कंप्यूटर का उपयोग स्टडी रुटीन में बनायें 25 मिनट से ज्यादा उपयोग न करने दें.
सप्ताह में अचानक बच्चे से उसका मोबाइल लेकर 2-3 घंटे तक अपने पास रखें. इससे उसके गतिविधि की जानकारी आपको मिलेगी. बच्चे के फोन का सीडीआर हर महीने जरुर देखें. प्रत्येक कंपनी 25-30 रुपये लेकर इसे ईमेल पर प्रोवाइड कराती है. कंप्यूटर पर फायरवाल, स्पाईवेयर, जरुर रखें. बच्चों के सोशल साइट यथा फेसबुक-टवीटर के फ्रेंड पर पैनी नजर रखें व उसकी गतिविधि देखते रहें.
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