री एडमिशन फी वसूलने का विरोध

Updated at :01 Apr 2015 7:12 AM
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री एडमिशन फी वसूलने का विरोध

अभाविप कार्यकर्ताओं ने एसएस विद्या बिहार में मचाया हंगामा, की तोड़-फोड़ दुमका : री एडमिशन के जगह डिवेलपमेंट फीस के नाम पर शुल्क वसूलने और स्कूल को दुकान बना कर किताब, स्कूल ड्रेस और जूते उंचे दामों में बेचने को एबीवीपी ने मुद्दा बनाया है. इस क्रम में विरोध करने गये एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एसएस […]

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अभाविप कार्यकर्ताओं ने एसएस विद्या बिहार में मचाया हंगामा, की तोड़-फोड़
दुमका : री एडमिशन के जगह डिवेलपमेंट फीस के नाम पर शुल्क वसूलने और स्कूल को दुकान बना कर किताब, स्कूल ड्रेस और जूते उंचे दामों में बेचने को एबीवीपी ने मुद्दा बनाया है. इस क्रम में विरोध करने गये एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एसएस विद्या विहार में हंगामा कर दिया.
परिषद् कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे री एडमिशन के मामले में शिकायत करने व आपत्ति करने पहुंचे थे, लेकिन विद्यालय प्रबंधन ने उन्हें जवाब देने की वजाय हड़काना चाहा. ऐसे में एसएसविद्या विहार स्कूल में परिषद् कार्यकर्तांओं ने जमकर तोड़फोड़ कर दी. उग्र छात्रों ने कुर्सियां फेंक कर शीशे तोड़ डाले और एक्वे रियम को भी क्षतिग्रस्त कर दिया.
उपायुक्त के आदेश को भी नहीं मान रहा विद्यालय प्रबंधन
अभाविप नेता रवि कुमार ने कहा है कि उपायुक्त ने री एडमिशन या बदले हुए नाम से बढ़ा कर फीस लेने से मना किया है और स्कूल में ड्रेस, किताबें बेचने को नहीं कहा है, बावजूद इसके स्कूल प्रबंधक बाज नहीं आ रहे हैं. छात्र एवं अभिभावक लगातार ऐसी शिकायत कर रहे हैं कि निजी स्कूल मनमाना फीस वसूल रहे हैं और महंगे दामों पर किताबें बेच रहे हैं. अभाविप ने हमेशा से शिक्षा के व्यवसायीकरण और बाजारीकरण का विरोध किया है और हम इन्ही मुद्दों पर मंगलवार को एस एस विद्या विहार के सचिव से बात करने के लिए गये थे पर उनका रवैया ठीक नहीं था जिस कारण छात्र उग्र हो गये.
नहीं ली जा रही री एडमिशन फी : प्रबंधन
विद्यालय प्रबंधन ने कहा है कि परिषद् कार्यकर्ताओं ने लाठी डंडे के साथ पहुंचकर तोड़फोड़ करने का काम किया है. विद्यालय री एडमिशन फी नहीं ले रही है और पुस्तकें स्कूल से लेना कोई बाध्यता नहीं है.
बीपीएल बच्चों का नहीं लिया जा रहा एडमिशन
रवि कुमार ने बताया कि स्कूल री एडमिशन के तर्ज पर डेवेलपमेंट फीस के नाम पर फीस ले रही है और मासिक शुल्क को बढ़ा दिया गया है. जबकि इसके लिए अभिभावकों से कोई बातचीत नहीं की गयी. परिषद् नेता ने यह भी आरोप लगाया कि 25 प्रतिशत बीपीएल बच्चों का नामाकंन करने के बजाय अभिभावकों को भ्रमित कर भगा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अभाविप इस तरह की मनमानी नहीं बरदाश्त करेगी. यहां 153 निजी स्कूल है, जो यदि इस तरह की गड़बड़ी करते हैं तो अभाविप अपना आंदोलन और इस तरह का अभियान जारी रखेगी.
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