सेंसेक्स-निफ्टी का बुरा हाल, तेल और तनाव ने बिगाड़ा बाजार का खेल

Indian Stock Market 12 May 2026 (Photo: ANI)
Indian Stock Market 12 May 2026: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव ने शेयर बाजार का गणित बिगाड़ दिया है. आईटी और रियल्टी सेक्टर में भारी बिकवाली हुई है. जानिए गिरावट की सभी मुख्य वजहें.
Indian Stock Market 12 May 2026: मंगलवार को शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली और दोनों प्रमुख इंडेक्स—निफ्टी और सेंसेक्स धड़ाम से नीचे गिर गए. एनएसई (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स करीब 436 अंक टूटकर 23,379 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई (BSE) का सेंसेक्स 1,456 अंकों की भारी गिरावट के साथ 74,559 के स्तर पर आ गया. बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों के लाखों करोड़ों रुपये मिनटों में साफ कर दिए.
क्यों टूटा बाजार और क्या है ईरान-अमेरिका का चक्कर?
बाजार गिरने की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को कचरा बताते हुए ठुकरा दिया, जिससे दुनिया भर में डर का माहौल है. इस तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने से भारत की अर्थव्यवस्था और रुपये पर सीधा दबाव पड़ रहा है.
आईटी और रियल्टी सेक्टर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों?
इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर आईटी (IT) और रियल्टी सेक्टर पर पड़ा. निफ्टी रियल्टी 4% से ज्यादा टूट गया, वहीं आईटी सेक्टर में 3% से अधिक की गिरावट रही. आईटी शेयरों के गिरने के पीछे एक बड़ी वजह OpenAI और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का बढ़ता प्रभाव है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई एआई तकनीकों की वजह से आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल और उनकी कमाई पर खतरा मंडरा रहा है. इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बिकवाली और बढ़ गई है.
सोना-चांदी और रुपये का क्या हाल है?
बाजार में मची इस हलचल के बीच भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है. 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53,596 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जबकि चांदी 2,76,303 रुपये प्रति किलो के स्तर पर है. निवेशकों की नजर अब भारत के आने वाले महंगाई दर (CPI) के आंकड़ों पर है, जिससे यह पता चलेगा कि इस वैश्विक तनाव का हमारी आम जिंदगी और रसोई के बजट पर कितना गहरा असर पड़ेगा.
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By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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