दुमका : दुमका एयरपोर्ट का रनवे लगभग 4000 फीट लंबा है. चार्टड और छोटे विमान तो इतने लंबे रनवे पर उतर जाते हैं. लेकिन यात्री विमानों के लिए रनवे की लंबाई इससे कहीं अधिक होनी चाहिए. कुछ साल पहले तक इस रनवे को 2000 फीट और लंबा करने की योजना बन रही थी. पर इस दिशा में काम आगे नहीं बढ़ पाया.
शनिवार को इस एयरपोर्ट का मुआयना करने तथा विस्तार की संभावनाओं को गति प्रदान करने के उद्देश्य से नागर विमानन निदेशालय झारखंड के निदेशक कैप्टन एसपी सिन्हा दुमका पहुंचे. उन्हें भू-अर्जन विभाग से संबंधित कर्मियों ने अवगत कराया कि एयरपोर्ट के विस्तार के लिए पर्याप्त रैयती जमीन उपलब्ध है, जिससे रनवे को कम से कम 2000 फीट लंबा और किया जा सकता है.
दुमका एयरपोर्ट का बढ़ेगा…
अभी नहीं उतर सकते एटीआर-72 श्रेणी के विमान : घरेलू उड़ान को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक कार्य योजना बनायी है, जिसमें कई छोटे हवाई अड्डों को विकसित किया जाना है. संताल के इस क्षेत्र से देवघर और दुमका को इसमें चुना गया है. देवघर एयरपोर्ट विकसित हो चुका है. दुमका को भी इस श्रेणी में लाने की कवायद हो रही है. 6000 फीट का रनवे हुआ तो एटीआर 72 श्रेणी के विमान यहां लैंड और टेक ऑफ कर पायेंगे. ऐसे विमानों में 70-72 यात्री सफर कर सकते हैं.
पीपीपी मोड पर ही चलेगा फ्लाइंग एकेडमी : मीडिया के एक सवाल के जवाब में निदेशक कैप्टन एसपी सिन्हा ने बताया कि दुमका में फ्लाइंग एकेडमी शुय की जायेगी. यहां यह एकेडेमी पीपीपी अर्थात पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप में चलायी जायेगी. प्रशासनिक भवन और हॉस्टल आदि बनकर लगभग तैयार है. हैंगर भी बन चुका है. इसे हैंडओवर किये जाने के साथ ही इस दिशा में आगे कदम बढ़ावा जायेगा. उन्होंने कहा कि यहां के एयरपोर्ट का विस्तार हुआ, तो इस इलाके के लोगों को बहुत सहुलियत हो जायेगी.
उड़ान सेवा शुरू कराने की घोषणा कर चुके हैं मंत्री : फरवरी महीने में मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास समारोह में एसकेएम विश्वविद्यालय के दिग्घी कैंपस से केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा घोषणा कर चुके हैं कि राज्य की उपराजधानी दुमका से उड़ान सेवा शुरू की जायेगी. रांची से हजारीबाग, बोकारो व दुमका को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की कवायद भी उनके द्वारा की गयी इस घोषणा के बाद काफी तेज की गयी थी.
एटीआर-72 श्रेणी के विमान का होगा उड़ान संभव
कैप्टन एसपी सिन्हा ने लिया जायजा
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