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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में मरीजों के सर्वाइकल व ब्रेस्ट कैंसर की होगी स्क्रीनिंग

Updated at : 21 Jun 2024 2:43 AM (IST)
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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में मरीजों के सर्वाइकल व ब्रेस्ट कैंसर की होगी स्क्रीनिंग

कैंसर की पहचान होने पर हायर सेंटर में कराया जायेगा इलाज, चिकित्सक, सीएचओ व स्वास्थ्य कर्मियों की ट्रेनिंग शुरू

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विक्की प्रसाद, धनबाद,

इलाज के अत्याधुनिक साधन व जागरूक रहकर काफी हद तक कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचा जा सकता है. इसी उद्देश्य के साथ जिले में विभिन्न जगहों पर संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) में इसकी जांच व उपचार की सुविधाएं शुरू की जायेगी. स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा व परिवार कल्याण विभाग द्वारा योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है. इस योजना के तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के सर्वाइकल व ब्रेस्ट कैंसर उन्मूलन को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जायेगा. महिलाओं को जांच के लिए केंद्र बुलाया जायेगा. जांच में संदिग्ध मिलने पर महिलाओं को तत्काल हायर सेंटर भेज कर उपचार कराया जायेगा.

सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर से महिलाओं की सर्वाधिक मौतें :

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार देश में मुंह के कैंसर से जितनी संख्या में पुरुषों की मौत होती है, उससे ज्यादा संख्या में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर से महिलाओं की मौत होती है. राज्य में औसतन प्रति घंटे सात महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से और 10 महिलाओं की मौत ब्रेस्ट कैंसर से होती है.

सभी जिलों में प्री-कैंसर टेस्ट की सुविधा :

इस योजना के तहत धनबाद समेत रांची, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, चतरा व अन्य जिलों में प्री-कैंसर जांच की व्यवस्था की गयी है. इसके लिए सरकारी वरीय स्त्री रोग विशेषज्ञों के अलावा एचडब्ल्यूसी में तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) व मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू कर दिया गया है.

नौ से 14 साल की लड़कियों को फ्री टीका :

राज्य सरकार की ओर से जल्द ही सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन यानी एचपीवी वैक्सीन का टीकाकरण कराया जायेगा. नौ से 14 साल तक की लड़कियों के लिए यह नि:शुल्क होगा. राज्य सरकार ने इसके लिए एक समिति गठित की है. एचपीवी टीका ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) के संक्रमण के कारण होने वाले कुछ कैंसर से बचाता है. इनमें सर्वाइकल कैंसर भी शामिल है. सर्वाइकल कैंसर की संभावना 30-34 वर्ष की आयु में बढ़ती है और 55-65 वर्ष की आयु में यह ज्यादा गंभीर हो जाता है. जिला स्तर पर इस योजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेवारी डीआरसीएचओ को सौंपी गयी है.

इन एचडब्ल्यूसी में शुरू होगी कैंसर की स्क्रीनिंग :

एचडब्ल्यूसी महेशपुर, सरियाडीह, बाघमारा, ढांगी, धोबनी, मनईटांड़, भितिया, सरकारडीह, कांड्रा, शालिमार, बिरसिंहपुर, डुमरकुंडा, चितरपुर व एचडब्ल्यूसी चुरूरिया में पहुंचने वाले मरीजों के कैंसर की स्क्रीनिंग की जायेगी.

वर्जन

प्रारंभिक स्टेज में सर्वाइकल व स्तन कैंसर की पहचान के लिए मुख्यालय के निर्देश पर एचडब्ल्यूसी में स्क्रीनिंग की सुविधा शुरू करने की तैयारी है. इसके लिए चिकित्सक, सीएचओ को ट्रेनिंग प्रदान करने का कार्य शुरू कर दिया गया है. आने वाले एक-दो माह में ट्रेनिंग पूरी होते ही एचडब्ल्यूसी में कैंसर की स्क्रीनिंग शुरू कर दी जायेगी.

डॉ चंद्रभानु प्रतापन,

सीएस

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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