नाबालिग से दुष्कर्म में मुजरिम को 10 वर्ष कैद

Updated at : 18 May 2024 1:48 PM (IST)
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नाबालिग से दुष्कर्म में मुजरिम को 10 वर्ष कैद

मंगेतर की नाबालिग बहन का अपहरण व उसके साथ दुष्कर्म करने का दर्ज हुआ था मामला

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धनबाद. मंगेतर की नाबालिग बहन का अपहरण व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में शुक्रवार को पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने मुजरिम हरियाणा सोनीपत निवासी राहुल गिरी को 10 वर्ष कैद व 15 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनायी है. अभियोजन का संचालन सहायक लोक अभियोजक समित प्रकाश ने किया. अदालत ने 16 मई को उसे दोषी करार दिया था. प्राथमिकी पीड़िता के पिता के शिकायत पर टुंडी थाने में दर्ज की गयी थी.

दिव्यांग नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी करार :

दिव्यांग नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के एक मामले में शुक्रवार को पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने नामजद आरोपी बरवाअड्डा निवासी राम दास कुमार मिश्रा को दोषी करार दिया है. सजा पर फैसला 20 मई को होगा. प्राथमिकी पीड़िता के पिता की शिकायत पर बरवाअड्डा थाने में दर्ज की गयी थी. इसके मुताबिक आरोपी पूजा पाठ करने के लिए गांव में आता था. जब भी पीड़िता शौच के लिए जाती थी, तो आरोपी उसका पीछा करता था. इस दौरान उसने शादी करने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया. जब वह गर्भवती हो गयी, तो आरोपी ने उसे दवा खिला दिया. इस कारण उसका गर्भ खराब हो गया.

मटकुरिया गोलीकांड में डीआइजी संजीव कुमार का बयान दर्ज :

मटकुरिया गोलीकांड की सुनवाई शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत में हुई. अभियोजन की ओर से सहायक लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने डीआइजी संजीव कुमार को गवाह के रूप में कोर्ट में पेश किया. डीआइजी ने बयान में घटना का समर्थन किया. बताया : वह उस वक्त डीएसपी बाघमारा थे. सुनवाई के दौरान आरोपी पूर्व मंत्री बच्चा सिंह, मन्नान मल्लिक व अन्य हाजिर नहीं थे. अदालत ने अभियोजन को गवाह पेश करने का आदेश देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 28 मई 2024 निर्धारित कर दी है.

सुशांतो हत्याकांड में इंस्पेक्टर का बयान दर्ज :

फाॅरवर्ड ब्लाॅक के नेता सुशांतो सेन गुप्ता उनके भाई संजय सेन गुप्ता व कार्यकर्ता दुर्योधन पाल की हत्या के चर्चित मामले की सुनवाई शुक्रवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान सीबीआइ के वरीय अभियोजक चंदन सिंह ने धनबाद थाना के तत्कालीन इंस्पेक्टर एससी चौधरी का बयान अदालत में दर्ज कराया. इसने बताया कि उसके सामने बरामद मोबाइल की जब्ती सूची बनायी थी. सुनवाई के दौरान आरोपी ठाकुर मांझी हाजिर थे, जबकि अन्य आरोपी हलधर महतो, प्रशांत बनर्जी व सुशांतो मुखर्जी गैर हाजिर थे. उनकी ओर से उनके अधिवक्ता दीपनारायण भट्टाचार्य ने प्रतिनिधित्व आवेदन दायर किया. अदालत ने सीबीआइ को गवाह पेश करने का आदेश देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 10 जून 2024 निर्धारित कर दी है.

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