पुलिस 30 दिनों के अंदर भेजे दुर्घटना सूचना रिपोर्ट : न्यायाधीश सुजीत

Updated at : 05 Aug 2024 12:25 AM (IST)
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पुलिस 30 दिनों के अंदर भेजे दुर्घटना सूचना रिपोर्ट : न्यायाधीश सुजीत

सिविल कोर्ट धनबाद में रविवार को जिला स्तरीय मल्टी स्टेक होल्डर कंसलटेशन कार्यक्रम हुआ. इसमें प्रभारी प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना में समय पर कागजात कोर्ट में जमा नहीं करनेकिये जाने के कारण मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिल पाता है.

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विधि प्रतिनिधि, धनबाद.

सिविल कोर्ट धनबाद में रविवार को एकदिवसीय जिला स्तरीय मल्टी स्टेक होल्डर कंसलटेशन कार्यक्रम हुआ. झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार व प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश राम शर्मा के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन धनबाद के प्रभारी प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय तौफीकुल हसन, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरती माला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय ने संयुक्त रूप से किया. न्यायाधीश श्री सिंह ने कहा कि समाज के प्रति हम सब की जिम्मेवारी है. इसे समय पर पूरा करना हमारा कर्तव्य है. प्रभारी प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना में समय पर कागजात कोर्ट में जमा नहीं किये जाने के कारण मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिल पाता है. सड़क दुर्घटना के मामले में किसी भी हालत में 30 दिन के अंदर दुर्घटना सूचना रिपोर्ट कोर्ट को भेज देनी है, अन्यथा थाने के भार साधक अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने कहा कि यदि समय पर पुलिस ऐसा कर दे, तो मृतक के परिजनों को तमाम मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा. यह समाज के प्रति हमारा कर्तव्य है. पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के विषय में जानकारी देते हुए जिला व सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने कहा कि दुष्कर्म पीड़ितों की गरिमा बनाये रखने में न्यायपालिका सहित आप सबों का अहम रोल है. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरती माला ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अरणेश व ऐनटिल के मामले में पारित निर्णय का पुलिस कठोरता से पालन करें. अब किसी भी व्यक्ति को न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने के समय उस व्यक्ति के विरुद्ध उसके अपराध में शामिल होने के पुख्ता साक्ष्य भी पेश करना होगा. डीएसपी ट्रैफिक अरविंद कुमार सिंह ने लोगों को सावधानीपूर्वक सड़क पर गाड़ी चलाने की सलाह दी और कहा कि असावधानी के कारण ही आये दिन दुर्घटना होती है. डालसा सचिव सह अवर न्यायाधीश राकेश रोशन ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में जिला व सत्र न्यायाधीश रजनीकांत पाठक, स्वयंभू प्रफुल्ल कुमार, पारस कुमार सिन्हा, साकेत कुमार समेत जिले के तमाम न्यायिक पदाधिकारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय, महासचिव जीतेंद्र कुमार, लोक अभियोजक, अवधेश कुमार, अपर व सहायक लोक अभियोजक, डॉक्टर राजीव कुमार, विभिन्न थानों के थाना पदाधिकारी, पारा लीगल वाॅलंटियर, मेडिएटर, डालसा के पैनल अधिवक्ता, एलएडीसीएस के, चीफ कुमार विमलेंदु, डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, सहायक कन्हैया लाल ठाकुर, नीरज गोयल, स्वाति कुमारी, मुस्कान चोपड़ा, शैलेन्द्र झा, सुमन पाठक आदि उपस्थित थे.

विधि प्रतिनिधि, धनबाद.

सिविल कोर्ट धनबाद में रविवार को एकदिवसीय जिला स्तरीय मल्टी स्टेक होल्डर कंसलटेशन कार्यक्रम हुआ. झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार व प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश राम शर्मा के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन धनबाद के प्रभारी प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय तौफीकुल हसन, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरती माला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय ने संयुक्त रूप से किया. न्यायाधीश श्री सिंह ने कहा कि समाज के प्रति हम सब की जिम्मेवारी है. इसे समय पर पूरा करना हमारा कर्तव्य है. प्रभारी प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना में समय पर कागजात कोर्ट में जमा नहीं किये जाने के कारण मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिल पाता है. सड़क दुर्घटना के मामले में किसी भी हालत में 30 दिन के अंदर दुर्घटना सूचना रिपोर्ट कोर्ट को भेज देनी है, अन्यथा थाने के भार साधक अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने कहा कि यदि समय पर पुलिस ऐसा कर दे, तो मृतक के परिजनों को तमाम मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा. यह समाज के प्रति हमारा कर्तव्य है. पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के विषय में जानकारी देते हुए जिला व सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने कहा कि दुष्कर्म पीड़ितों की गरिमा बनाये रखने में न्यायपालिका सहित आप सबों का अहम रोल है. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरती माला ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अरणेश व ऐनटिल के मामले में पारित निर्णय का पुलिस कठोरता से पालन करें. अब किसी भी व्यक्ति को न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने के समय उस व्यक्ति के विरुद्ध उसके अपराध में शामिल होने के पुख्ता साक्ष्य भी पेश करना होगा. डीएसपी ट्रैफिक अरविंद कुमार सिंह ने लोगों को सावधानीपूर्वक सड़क पर गाड़ी चलाने की सलाह दी और कहा कि असावधानी के कारण ही आये दिन दुर्घटना होती है. डालसा सचिव सह अवर न्यायाधीश राकेश रोशन ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में जिला व सत्र न्यायाधीश रजनीकांत पाठक, स्वयंभू प्रफुल्ल कुमार, पारस कुमार सिन्हा, साकेत कुमार समेत जिले के तमाम न्यायिक पदाधिकारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय, महासचिव जीतेंद्र कुमार, लोक अभियोजक, अवधेश कुमार, अपर व सहायक लोक अभियोजक, डॉक्टर राजीव कुमार, विभिन्न थानों के थाना पदाधिकारी, पारा लीगल वाॅलंटियर, मेडिएटर, डालसा के पैनल अधिवक्ता, एलएडीसीएस के, चीफ कुमार विमलेंदु, डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, सहायक कन्हैया लाल ठाकुर, नीरज गोयल, स्वाति कुमारी, मुस्कान चोपड़ा, शैलेन्द्र झा, सुमन पाठक आदि उपस्थित थे.

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