Dhanbad News: धनबाद के पूर्वी टुंडी में बनेगा इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार

Updated at : 15 Mar 2026 12:49 AM (IST)
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Dhanbad News: धनबाद के पूर्वी टुंडी में बनेगा इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार

Dhanbad News: पूर्वी टुंडी के बामनबाद में 7.15 एकड़ जमीन चिह्नित, राज्य सरकार को भेजा गया प्रस्ताव

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Dhanbad News: पूर्वी टुंडी के बामनबाद में 7.15 एकड़ जमीन चिह्नित, राज्य सरकार को भेजा गया प्रस्ताव

Dhanbad News:

शोभित रंजन, धनबाद.

धनबाद में कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गयी है. केन्द्र प्रायोजित योजना आरकेवीवाइ-डीपीआर के तहत इस परियोजना को विकसित करने का प्रस्ताव है. इसके लिए धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी के बामनबाद मौजा के मौजा संख्या 295 में प्लॉट संख्या 171 के अलग-अलग हाल खेसरा के 7.15 एकड़ गैर आबाद जमीन चिह्नित की गयी है. जिला कृषि विभाग की ओर से इसकी उपयुक्तता रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेज दी गयी है. प्रथम चरण में वित्तीय वर्ष 2026-27 में 12 जिलों का चयन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ आधार पर किया जाएगा. अब जिले की ओर से जल्द से विभाग को भूमि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. बता दें की अभी जिले में एक भी ऐसा हब नहीं है जहां किसान अपने उपज की प्रोसेसिंग कर सकें.

प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन से किसानों को मिलेगा लाभ

इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब बनने से कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण संभव हो सकेगा. इसके तहत थ्रेसिंग फ्लोर, वेब्रिज, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, सीड प्रोसेसिंग यूनिट और ऑयल एक्सट्रैक्शन यूनिट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे धान, मक्का, दलहन, तेलहन समेत अन्य फसलों का प्रसंस्करण कर उन्हें बेहतर पैकेजिंग के साथ बाजार में भेजा जा सकेगा. कृषकों को बेहतर कीमत मिलेगी.

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, बढ़ेगी कच्चे माल की खपत

हब के विकसित होने से क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. प्रसंस्करण इकाइयों, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन से जुड़े कार्यों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में उत्पादित कच्चे माल की खपत भी बढ़ेगी. किसान अपनी उपज सीधे हब में बेच सकेंगे, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलेगा और बाजार तक पहुंच भी आसान होगी.

राज्य और केंद्र सरकार की योजना से होगा विकास

यह परियोजना केंद्र प्रायोजित योजना आरकेवीवाई – डीपीआर के तहत विकसित की जाएगी. यदि डीपीआर मद से पूरा कार्य संभव नहीं हो पाया तो राज्य सरकार भी संसाधन उपलब्ध करा सकती है. हालांकि, योजना की मार्गदर्शिका के अनुसार घेराबंदी का कार्य इस मद से नहीं की जा सकती है.

कृषि हॉस्टल सह प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी है योजना

केंद्र प्रायोजित योजना के तहत जिले में 150 बेड क्षमता वाले जिला स्तरीय कृषि हॉस्टल सह 300 क्षमता प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी योजना है. इसमें हॉस्टल की 50 प्रतिशत सीटें महिला किसानों के लिए आरक्षित रहेंगी. योजना का उद्देश्य महिला और पुरुष किसानों को स्थानीय मुख्य फसलों की उन्नत खेती, नई तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण देना है, ताकि उनकी आय में गुणात्मक वृद्धि हो सके. इसके लिए जिला मुख्यालय के निकट यातायात सुविधा वाली दो एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित करने को कृषि निदेशालय की ओर से कहा गया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम चरण में 18 जिलों का चयन फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व आधार पर होगा. बता दें कि जिला की ओर से धनबाद सीओ को जमीन चिन्हित करने के लिए पत्र भेज दिया गया है.

जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक मिश्रा से बातचीत

सवाल: धनबाद में इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब की जरूरत क्यों महसूस हुई?

जवाब : जिले में कृषि उत्पादन तो होता है, लेकिन प्रसंस्करण, भंडारण और बाजार से जुड़ी समेकित सुविधा नहीं होने से किसानों को पूरी कीमत नहीं मिल पाती. इसी कमी को दूर करने के लिए इस तरह का हब जरूरी माना गया है.

सवाल: यह हब जमीन पर उतरने के बाद जिले की कृषि व्यवस्था में क्या बदलाव ला सकता है?

जवाब: इससे उत्पादन आधारित खेती से आगे बढ़कर बाजार उन्मुख कृषि को बल मिलेगा. किसान सिर्फ उपज बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि प्रसंस्कृत उत्पाद के जरिए अधिक लाभ की संभावना बनेगी.

सवाल: क्या यह परियोजना सिर्फ बड़े किसानों के लिए फायदेमंद होगी?

जवाब: नहीं, इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों को भी संगठित सुविधा उपलब्ध कराना है. स्थानीय स्तर पर संग्रहण, ग्रेडिंग और प्रोसेसिंग की व्यवस्था बनने से छोटे किसान भी बेहतर मूल्य श्रृंखला से जुड़ सकेंगे.

सवाल: क्या इन दोनों परियोजनाओं को जिले के कृषि भविष्य के लिए टर्निंग प्वाइंट माना जा सकता है?

जवाब: यदि प्रस्ताव स्वीकृत होकर योजनाएं समय पर धरातल पर उतरती हैं, तो यह धनबाद में कृषि के बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण व्यवस्था और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती हैं.

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OM PRAKASH RAWANI

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