ePaper

Dhanbad News : बोले सांसद ढुलू महतो-वन नेशन, वन इलेक्शन से आर्थिक रूप से और मजबूत होगा देश

Updated at : 21 Apr 2025 12:47 AM (IST)
विज्ञापन
Dhanbad News : बोले सांसद ढुलू महतो-वन नेशन, वन इलेक्शन से आर्थिक रूप से और मजबूत होगा देश

वन नेशन वन इलेक्शन पर मंथन, सभी संगठनों ने जतायी सहमति, राष्ट्रपति को पोस्टकार्ड भेजने का लिया गया निर्णय

विज्ञापन

नव नेशन, वन इलेक्शन पर रविवार को न्यू टाउन हॉल में मंथन हुआ. जिला चेंबर की ओर से आयोजित संगोष्ठी में व्यापारियों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों समेत एनजीओ के लोगों और कई सामाजिक व राजनीतिक संगठन के लोगों ने वन नेशन, वन इलेक्शन पर अपनी सहमति जतायी. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड के माध्यम से वन नेशन, वन इलेक्शन कराने की मांग करने का निर्णय लिया गया. मुख्य अतिथि सांसद ढुलू महतो ने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन की मांग देश की जनता की है. इस मामले को वे संसद में भी उठायेंगे. इस मांग के पूरा होने से देश, आर्थिक तौर से और मजबूत होगा. समय की बचत होगी. देश विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा. वन नेशन वन इलेक्शन के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध के सवाल पर सांसद ने कहा कि विपक्ष के पास आज कोई मुद्दा नहीं है. कोई विजन नहीं है. कोई लक्ष्य नहीं है. प्रधानमंत्री द्वारा उठाये गये हर अच्छे कामों का विरोध करना ही विपक्ष का काम रह गया है. संगोष्ठी की अध्यक्षता जिला चेंबर अध्यक्ष चेतन गोयनका व संचालन महासचिव अजय नारायण लाल ने किया. संगोष्ठी में सभी चेंबर के विनोद गुप्ता, विकास कंधवे, प्रदीप कुमार सिंह, देवाशीष पाल, प्रमोद गोयल, शैलेश सिंह, अभिषेक विश्वकर्मा, केदार वर्णवाल, ललित अग्रवाल, पप्पू सिंह, जितेंद्र अग्रवाल, कृष्ण खेतानस दीपक कुमार दीपू, कौशल सिंह, सुरेश अग्रवाल 56 चेंबर के पदाधिकारी मौजूद थे.

कार्यक्रम में शामिल अतिथि :

झरिया विधायक रागिनी सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, आइएमए के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, भाजपा नेता सह उद्यमी नंद लाल अग्रवाल, भाजपा नेता संजीव अग्रवाल, भाजपा नेता संजय झा, श्वेता किन्नर आदि.

अलग-अलग चुनाव के कारण लाखों करोड़ की होती है बर्बादी : राज सिन्हा

विधायक राज सिन्हा ने कहा कि देश में होने वाले अलग अलग चुनाव के कारण लाखों करोड़ रुपये की बर्बादी होती है. ऐसे में जरूरत है एक राष्ट्र, एक चुनाव की. बार-बार होने वाले चुनाव के कारण देश में सामाजिक सद्भाव भी बिगड़ रहा है. इसे रोकने की जिम्मेवारी आम लोगों की है. इस मुद्दे पर सामाजिक संस्थाओं के साथ हर व्यक्ति को खड़ा होना होगा.

कारोबार होता है प्रभावित : चेतन गोयनका

जिला चेंबर अध्यक्ष चेतन गोयनका ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से सरकार को लाखों-करोड़ों रुपये की बर्बादी होती है. दूसरी ओर हम व्यवसायियों का कारोबार भी प्रभावित होता है. जब भी चुनाव होता है धनबाद में कृषि बाजार प्रांगण में इवीएम रखने का केंद्र बनाया जाता है. कृषि बाजार मंडी खाद्यान्न की थोक मंडी है. चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो जाता है. वन नेशन, वन इलेक्शन की मांग राष्ट्रपति तक जायेगी.

हर साल देश के पांच राज्यों में होते चुनाव, 1.50 लाख करोड़ का खर्च : निदेशक आइआइटी

आइआइटी-आइएसएम के उपनिदेशक डाॅ धीरज कुमार ने कहा कि भारत में औसतन प्रत्येक वर्ष पांच राज्यों में चुनाव होते हैं और इस पर 1.50 लाख करोड़ का खर्च आता है. चुनाव अचार संहिता के कारण 365 दिन के बदले यहां 265 दिन ही काम हो पाता है. एक राष्ट्र एक चुनाव प्रणाली लागू होनी चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
NARENDRA KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By NARENDRA KUMAR SINGH

NARENDRA KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola