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होने जा रहा है ज्वालामुखी योग का निर्माण, भूलकर भी ना करें ये गलतियां

Updated at : 22 Feb 2026 7:14 AM (IST)
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Jwalamukhi Yog 2026

ज्वालामुखी योग का प्रभाव

Jwalamukhi Yog 2026: फरवरी 2026 में ज्वालामुखी योग कब बन रहा है, इसका समय और महत्व जानें। इस अशुभ योग में कौन से काम नहीं करने चाहिए, पढ़ें पूरी जानकारी।

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Jwalamukhi Yog 2026 Date: ज्योतिष शास्त्र में कई तरह के योग बनते हैं. कुछ योग शुभ होते हैं और अच्छे परिणाम देते हैं, जबकि कुछ योग अशुभ माने जाते हैं. इन्हीं अशुभ योगों में से एक है ज्वालामुखी योग. इस योग को अच्छा नहीं माना जाता, इसलिए इस दौरान कोई भी नया या मांगलिक काम करने से बचने की सलाह दी जाती है.

ज्वालामुखी योग कब बनता है?

ज्वालामुखी योग खास तिथि और नक्षत्र के संयोग से बनता है. यह योग इन स्थितियों में बन सकता है:

पहला ज्वालामुखी योग कब बनेगा? (फरवरी 2026)

  • प्रतिपदा तिथि पर मूल नक्षत्र
  • पंचमी तिथि पर भरणी नक्षत्र
  • अष्टमी तिथि पर कृत्तिका नक्षत्र
  • नवमी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र
  • दशमी तिथि पर अश्लेषा नक्षत्र

इन तिथि-नक्षत्र के मिलने पर ज्वालामुखी योग बनता है.

पहला ज्वालामुखी योग कब बनेगा? (फरवरी 2026)

पंचांग के अनुसार, 24 फरवरी 2026, मंगलवार को अष्टमी तिथि सुबह 07:01 बजे शुरू होगी. उसी दिन कृत्तिका नक्षत्र दोपहर 03:07 बजे तक रहेगा. इस कारण ज्वालामुखी योग 24 फरवरी को सुबह 07:01 बजे से दोपहर 03:07 बजे तक रहेगा.

दूसरा ज्वालामुखी योग कब बनेगा?

दूसरा ज्वालामुखी योग 25 फरवरी 2026 को बनेगा. यह योग सुबह 04:51 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक रहेगा. यह योग नवमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से बन रहा है.

ज्वालामुखी योग में कौन से काम नहीं करने चाहिए?

ज्वालामुखी योग को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस समय में कुछ काम करने से बचना चाहिए:

  • विवाह, सगाई और गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए
  • नया बिजनेस या नया काम शुरू नहीं करना चाहिए
  • मकान, दुकान, वाहन या प्रॉपर्टी नहीं खरीदनी चाहिए
  • नए घर का निर्माण शुरू नहीं करना चाहिए
  • ऐसा माना जाता है कि इन कामों के परिणाम अच्छे नहीं मिलते.
  • ज्वालामुखी योग में जन्म लेने वालों के बारे में मान्यता

जन्म और मृत्यु भगवान के हाथ में होते हैं, लेकिन मान्यता है कि इस योग में जन्म लेने वाले लोगों को जीवन में स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां ज्यादा हो सकती हैं. हालांकि, यह केवल ज्योतिषीय मान्यता है.

ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा
25+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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