झारखंड को मिली बड़ी खुशखबरी, SNMMCH में बनेगा शिशु रोग विभाग का अलग इमरजेंसी, जानें क्या होगा फायदा

Updated at : 19 Mar 2025 9:42 PM (IST)
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शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल

Dhanbad News: धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में शिशु रोग विभाग का अलग इमरजेंसी का निर्माण होगा. इसका प्रस्ताव तैयार कर स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा व परिवार कल्याण विभाग को भेज दिया गया है.

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धनबाद : शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में शिशु रोग विभाग (पीडियाट्रिक) का अलग इमरजेंसी का निर्माण होगा. इसमें सिर्फ गंभीर शिशुओं को भर्ती लेकर चिकित्सा सुविधा मुहैया करायी जायेगी. दरअसल, एसएनएमएमसीएच के पीडियाट्रिक विभाग में पीजी की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है. इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) को आवेदन किया है. एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार पीजी की पढ़ाई वहीं शुरू हो सकती हैं, जहां शिशु रोग विभाग का अलग इमरजेंसी संचालित है. शिशु रोग विभाग के लिए अलग इमरजेंसी निर्माण के लिए एसएनएमएमसीएच ने प्रस्ताव तैयार कर स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा व परिवार कल्याण विभाग को भेजा है. संभावना जतायी जा रही है कि इस वित्तीय वर्ष के बाद इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी.

अबतक गंभीर शिशुओं के इलाज के लिए नहीं हैं अलग व्यवस्था

वर्तमान में एसएनएमएमसीएच में गंभीर नवजात व शिशुओं के इलाज के लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं है. गंभीर शिशुओं के अस्पताल पहुंचने पर एनआइसीयू व एसआइसीयू में भर्ती किया जाता है. ज्यादा गंभीर शिशुओं को रिम्स रेफर कर दिया जाता है. एनआइसीयू व एसआइसीयू में शिशुओं की चिकित्सा से जुड़े उपकरण व संसाधनों का भी अभाव है.

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शिशु रोग इमरजेंसी शुरू होने पर मिलेगी यह चिकित्सीय सुविधा

शिशु रोग विभाग इमरजेंसी (पीडियाट्रिक इमरजेंसी) में शिशुओं और बच्चों की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज किया जाता है. इस विभाग में नियुक्त विशेषज्ञ चिकित्सक व नर्स शिशुओं और बच्चों की विशिष्ट स्वास्थ्य जरूरतों को समझते हुए चिकित्सा सुविधा प्रदान करते हैं. इस इमरजेंसी में सांस लेने में परेशानी, दिल की समस्याएं, गंभीर चोट आने की स्थिति में चिकित्सा सेवा प्रदान की जाती है. इसके अलावा निमोनिया, मेनिन्जाइटिस और डायरिया से ग्रसित बच्चों को इमरजेंसी में भर्ती लेकर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है. पिडियाट्रिक इमरजेंसी में पीडियाट्रिशियन, नियोनेटोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिक सर्जन, पीडियाट्रिक एनेस्थेटिस्ट की नियुक्ति होती हैं.

इधर, नेत्र रोग विभाग पीजी ब्लॉक परिसर में शिफ्ट करने की योजना

एसएनएमएमसीएच में संचालित नेत्र रोग विभाग को पूरी तरह से पीजी ब्लॉक परिसर में शिफ्ट करने की योजना है. नेत्र रोग विभाग के एचओडी डॉ धर्मेंद्र कुमार ने इस विभाग को पूरी तरह पीजी ब्लॉक परिसर में खाली पड़े बिल्डिंग में शिफ्ट करने का प्रस्ताव एसएनएमएमसीएच के प्राचार्य डॉ एसके चौरसिया व अधीक्षक डॉ दिनेश कुमार गिंदौरिया को दिया है. वर्तमान में पीजी ब्लॉक में नेत्र रोग विभाग की ओपीडी संचालित है. जबकि, इस विभाग की इंडोर सेवा के साथ ओटी पुराने बिल्डिंग में संचालित है. इसे देखते हुए एचओडी डॉ धर्मेंद्र कुमार ने इंडोर के साथ ओटी भी पीजी ब्लॉक परिसर स्थित खाली बिल्डिंग में शिफ्ट करने की मांग की है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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