रिपब्लिक डे पर धनबाद को मिली हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम की सौगात, डीसी-एसपी ने की शुरुआत

धनबाद में हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम का उद्घाटन करते डीसी आदित्य रंजन और एस्रएसपी का प्रभात रंजन (बीच में)
Dhanbad News: धनबाद में 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कोर्ट मोड़ स्थित हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम सह डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया गया. डिप्टी कमिशनर आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया. आधुनिक तकनीक से लैस यह कंट्रोल रूम जिले की सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य कमांड सेंटर बनेगा. यहां से 24×7 सीसीटीवी मॉनिटरिंग, डायल 112 सेवा, पीसीआर पेट्रोलिंग और सिटी हॉक की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, जिससे अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स को मजबूती मिलेगी. नीचे पूरी खबर पढ़ें.
धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट
Dhanbad News: 77वें रिपब्लिक डे के मौके पर झारखंड की कोयलानगरी धनबाद में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया. कोर्ट मोड़ स्थित हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम सह डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम का उद्घाटन डिप्टी कमिशनर आदित्य रंजन और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) प्रभात कुमार ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस डिपार्टमेंट के कई सीनियर अफसर मौजूद रहे.
रिनोवेशन के बाद हाईटेक रूप में तैयार हुई बिल्डिंग
उद्घाटन के बाद एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम भवन का पूरी तरह रिनोवेशन किया गया है और इसे आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. यह कंट्रोल रूम अब जिले की सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य कमांड सेंटर बनेगा, जहां से सभी महत्वपूर्ण पुलिस गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाएगी.
24×7 मॉनिटरिंग और त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम
एसएसपी ने कहा कि यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे एक्टिव रहेगा. यहीं से जिले की विधि-व्यवस्था, सिटी हॉक्स बाइक पेट्रोलिंग, पीसीआर पेट्रोलिंग और डायल 112 इमरजेंसी सर्विस का संचालन किया जाएगा. कंट्रोल रूम में डीएसपी लेवल के अफसर की तैनाती की गई है, जिनकी निगरानी में सभी गतिविधियां संचालित होंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच सके.
350 सेंसेटिव जगहों पर लगेंगे ऑडियो युक्त सीसीटीवी
एसएसपी प्रभात कुमार ने जानकारी दी कि जिले के लगभग 350 प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर ऑडियो युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. इन कैमरों से अपराध नियंत्रण के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक मॉनिटरिंग में पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी.
एएनपीआर कैमरों से गाड़ियों की होगी पहचान
इसके साथ ही कई मुख्य सड़कों और चौक-चौराहों पर एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे भी लगाए जाएंगे. इससे संदिग्ध वाहनों की पहचान, ट्रैकिंग और अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहनों को पकड़ने में पुलिस को तकनीकी बढ़त मिलेगी.
मॉनिटरिंग हॉल में लगेगी बड़ी एलसीडी स्क्रीन
पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में एक विशेष मॉनिटरिंग हॉल का निर्माण कराया गया है. यहां बड़ी एलसीडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर जिले के अलग-अलग इलाकों में लगे कैमरों की लाइव फीड देखी जाएगी. इससे पूरे जिले की गतिविधियों पर एक ही जगह से नजर रखी जा सकेगी.
आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा देना हमारा उद्देश्य: एसएसपी
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि इस हाईटेक कंट्रोल रूम का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिले में कहीं भी कोई घटना होने पर पुलिस तुरंत रिस्पॉन्स करे और आम लोगों को सुरक्षा व सहायता का भरोसा मिल सके. तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से अपराध पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.
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सीनियर अफसरों की मौजूदगी में हुआ इनोग्रेशन
उद्घाटन समारोह में उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार के अलावा जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे. सभी अधिकारियों ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और यहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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