धनबाद के असर्फी अस्पताल में हाई वोल्टेज ड्रामा, बिल के लिए शव को बनाया बंधक, मेयर ने दूर किया विवाद

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धनबाद के असर्फी अस्पताल में लगी भीड़

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Dhanbad Asarfi Hospital Protest: धनबाद के असर्फी अस्पताल में इलाज के दौरान संजीत सिंह की मौत के बाद बिल भुगतान को लेकर जमकर हंगामा हुआ. परिजनों का आरोप है कि पैसे न देने पर शव रोकने की कोशिश की गयी. मेयर संजीव सिंह के हस्तक्षेप और बिल भुगतान के बाद मामला शांत हुआ.

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Dhanbad Asarfi Hospital, धनबाद : धनबाद स्थित असर्फी अस्पताल में गुरुवार को एक मरीज की मौत के बाद घंटों हंगामा होता रहा. मृतक की पहचान डिगावाडीह निवासी संजीत सिंह उर्फ गुड्डू सिंह के रूप में हुई है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया.

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सीढ़ी से गिरने के बाद कराया गया था भर्ती

मिली जानकारी के अनुसार संजीत सिंह करीब आठ दिन पहले अपने घर में सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गये थे. इसके बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पिछले आठ दिनों से उनका उपचार चल रहा था. गुरुवार को इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी. डॉक्टरों के काफी प्रयास के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका.

बिल भुगतान को लेकर बढ़ा विवाद

मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच बकाया बिल को लेकर विवाद हो गया. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने बकाया राशि जमा होने तक शव देने से इनकार कर दिया. इससे नाराज होकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया.

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मेयर के हस्तक्षेप से मामला शांत

घटना की जानकारी मिलने पर मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया. लंबी बातचीत के बाद मेयर ने बकाया बिल की पूरी राशि देने की घोषणा की, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया. इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गये.

मेयर संजीव सिंह ने प्रबंधन से की मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील

मेयर संजीव सिंह ने कहा कि ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों में अस्पताल प्रबंधन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, ताकि शोकाकुल परिजनों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े.

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