रिटायर बीसीसीएल अधिकारी की मौत के बाद सदमें में रह रही मां-बेटी की डालसा ने की काउंसेलिंग

Updated at : 14 Aug 2024 2:12 AM (IST)
विज्ञापन
रिटायर बीसीसीएल अधिकारी की मौत के बाद सदमें में रह रही मां-बेटी की डालसा ने की काउंसेलिंग

सरायढेला थाना क्षेत्र का है मामला : काफी मशक्कत के बाद बातचीत के तैयार हुई छह माह से अंधेरे में रह रही मां-बेटी

विज्ञापन

डालसा के सहयोग से सरायढेला थाना क्षेत्र के एक अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 401और 402 में रहने वाली मां बेटी को डालसा केस प्रयास से नयी जिंदगी मिली. रिटायर बीसीसीएल अधिकारी की मौत के बाद मां-बेटी सदमे में थी और पिछले छह महीने से कमरे में बंद थी. मटकुरिया में रहने वाली बीसीसीएल अधिकारी की बड़ी बेटी के आवेदन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने संज्ञान लिया. मंगलवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश राम शर्मा के निर्देश पर अवर न्यायाधीश राकेश रोशन ने स्पेशल टीम गठित की. डॉक्टर राजीव कुमार, मनोरोग चिकित्सक डॉ मिनाक्षी, काउंसलर अभिषिक्ता मुखर्जी, एलएडीसीएस डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, डालसा सहायक राजेश सिंह, अरुण कुमार, थाना प्रभारी नूतन मोदी व पुलिस बल अपार्टमेंट पहुंचे और मां-बेटी के काउंसलिंग की.

फ्लैट में छह माह से कटी हुई थी बिजली

: टीम को फ्लैट में जाने पर पता चला कि यहां छह माह से बिजली कटी हुई है. मां और बेटी अंधेरे के आदी थे. उन्होंने किसी के पास जाना या किसी से मिलना जुलना बिल्कुल बंद कर दिया था. पहले तो मां बेटी ने टीम के साथ बात करने से मना कर दिया. काफी मशक्कत करने के बाद वे बात करने पर राजी हुए. इसके बाद लगभग तीन घंटे तक काउंसलिंग प्रक्रिया चली.

अंधेरे के आदी हो गये थे दोनों :

जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दिए आवेदन में बड़ी ने बताया कि उनके पिता रिटायर बीसीसीएल अधिकारी चंद्र प्रकाश अग्रवाल का निधन 12 अक्टूबर 2023 को हो गया. उस समय मां लतिका अग्रवाल व छोटी बेटी स्वाति अग्रवाल शव के साथ लगभग सात घंटे तक अपने कमरे में ही रह गये. सरायढेला पुलिस, सोसाइटी के लोगों व प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद लाश को कमरे से बाहर निकालकर अंत्येष्टि के लिए भेजा गया था. उस समय से दोनों सदमे में है. धीरे-धीरे वे अंधेरे के आदी होने लगे.

बेटी ने कहा : मेरे पिता जिंदा हैं

धनबाद के अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार राकेश रोशन व डॉक्टर राजीव ने बताया कि काउंसेलिंग के दौरान बेटी ने कहा कि उसके पिता जिंदा है, उनके पिता की मृत्यु नहीं हुई है. पिता हमेशा हमारे साथ ही रहते हैं. उनके पिता की मौत नहीं हुई है, उनके साथ षडयंत्र किया गया है. इसलिए बिजली और लाइट का प्रयोग नहीं करते हैं. किसी प्रकार से मां बाहर से खाने की चीज लाती है. काउंसलिंग के बाद मां-बेटी इलाज के लिए राजी हुईं. उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. दूसरी और अपार्टमेंट के लोगों का कहना था कि मां-बेटी सभी लोगों से पूरी तरह कट कर रहे थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola