Dhanbad News : वाणिज्यिक खदानों के साथ प्रतिस्पर्धा के बजाय उनका पूरक बनने पर हैं कोल इंडिया का जोर

कोल इंडिया के चेयरमैन ने कहा- रैक की कमी से कोयला उठाव में आई कमी : चेयरमैन
कोल इंडिया को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2024-25 में उसका उत्पादन 78.8 करोड़ टन रहेगा, जबकि इस दौरान उठाव 76.5 करोड़ टन रहने की उम्मीद है. यह जानकारी सोमवार को कोल इंडिया के चेयरमैन पीएम प्रसाद ने दी है. कोल इंडिया ने इससे पहले चालू वित्त वर्ष में 83.8 करोड़ टन उत्पादन का लक्ष्य तय किया था, जिसे बाद में संशोधित कर 81 करोड़ टन कर दिया गया था. कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 में 77.36 करोड़ टन उत्पादन किया, जो सालाना आधार पर 10 प्रतिशत अधिक था. एमजंक्शन द्वारा आयोजित कोयला बाजार सम्मेलन में कोल इंडिया चेयरमैन श्री प्रसाद ने कहा कि बड़ी खदानों में रेक की कमी के चलते उठाव में सुस्ती आई, लेकिन आने वाले महीनों में वृद्धि अच्छी रहेगी. मौजूदा अनुमानों के आधार पर इस साल उत्पादन और उठाव दोनों में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि होंने की उम्मीद है. कहा कि कुंभ मेले के कारण रेक की उपलब्धता सीमित थी, लेकिन रेलवे के साथ चर्चा के बाद रेक की उपलब्धता में सुधार हुआ है.
कम नहीं होगी कोयले की कीमत :
अंतरराष्ट्रीय स्तर कोयले की कीमतों में नरमी के बारे में पूछने पर कोल इंडिया चेयरमैन श्री प्रसाद ने कहा कि कंपनी द्वारा कीमतों में कमी नहीं की जायेगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोल इंडिया का उद्देश्य वाणिज्यिक खदानों के साथ प्रतिस्पर्धा करना नहीं, बल्कि उनका पूरक बनना है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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