कम दाम और सरकारी भरोसे ने बीसीसीएल के आइपीओ को निवेशकों का फेवरेट बना दिया है. आइपीओ नौ जनवरी को खुला. यह 13 जनवरी को बंद होगा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन आइपीओ लगभग 8.08 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिससे शुरुआती उत्साह साफ दिखा. अगले दो दिनों में सब्सक्रिप्शन और बढ़ा. दूसरे दिन तक यह 17.19 गुना से भी अधिक सब्सक्राइब हो गया. इसमें खुदरा निवेशकों और नॉन-इंस्टिट्यूशनल निवेशकों की भारी भागीदारी रही. ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) भी आइपीओ के प्रति बढ़ती उम्मीदों का संकेत दे रहा है. शेयर की जीएमपी 40-46% तक पहुंचती देखी गयी है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक इस इशू के संभावित लिस्टिंग गेन को सकारात्मक मान रहे हैं.
खुदरा निवेशकों के बीच अच्छा रिस्पांस
विशेषज्ञों का मानना है कि बीसीसीएल का आइपीओ वर्तमान में अच्छा रिस्पांस पा रहा है. खासकर खुदरा निवेशकों के बीच. हालांकि आइपीओ 100 प्रतिशत ऑफर सेल है यानी कंपनी को इससे सीधे फंड नहीं मिलेगा. लेकिन शेयर बाजार में इसकी लोकप्रियता आइपीओ की सफलता को उजागर करती है. 14 जनवरी को शेयर का आवंटन तय होगा, जबकि संभावित लिस्टिंग 16 जनवरी को होने की संभावना है. बता दें कि यह आइपीओ 1,071 करोड़ रुपये का है.
बीसीसीएल के आइपीओ का प्राइस बैंड आकर्षक
विशेषज्ञों के अनुसार, बीसीसीएल के आइपीओ की भारी मांग के पीछे कई ठोस कारण हैं. सबसे बड़ा कारण इसका आकर्षक प्राइस बैंड है. 21 से 23 रुपये प्रति शेयर का मूल्य इसे छोटे और मध्यम रिटेल निवेशकों के लिए भी सुलभ बनाता है. कम कीमत वाले आइपीओ आमतौर पर ज्यादा निवेशकों को आकर्षित करते हैं. दूसरा बड़ा फैक्टर है कंपनी का सरकारी और मोनोपॉली बिजनेस मॉडल. बीसीसीएल, कोल इंडिया की सब्सिडियरी है और देश में कोकिंग कोल के उत्पादन में इसकी अहम भूमिका है. स्टील उद्योग के लिए जरूरी कोकिंग कोल की मांग लगातार बनी रहती है. इससे कंपनी के कारोबार में स्थिरता नजर आती है.
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