धनबाद: धनबाद में नियमित टीकाकरण की उपलब्धि को एनुअल हेल्थ सर्वे (एएचएस) ने खारिज कर दिया है. धनबाद के पदाधिकारियों ने मुख्यालय को नियमित टीकाकरण पर जो रिपोर्ट भेजी थी, उसमें 82 प्रतिशत उपलब्धि का दावा किया गया था, लेकिन वर्ष 2014-15 में एएचएस की टीम ने जिले में सर्वे किया तो मात्र 60 प्रतिशत की उपलब्धि मिली. सर्वे के अनुसार कई जगहों पर टीकाकरण हुआ ही नहीं, लेकिन उसे भी कागजों पर पूरा करके दिखा दिया गया था. निरसा, टुंडी, तोपचांची, बाघमारा प्रखंडों में ऐसे मामले ज्यादा पकड़े गये.
जानें एनुअल हेल्थ सर्वे को : एनुअल हेल्थ सर्वे सरकार का एक अंग है. पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा की क्या स्थिति है, इसके जरिये पता लगाया जाता है.विभागीय आंकड़ों को अलग रख कर एएचएस अपने स्तर से क्षेत्र में जाकर सर्वे करता है. इसके बाद इस रिपोर्ट को राज्य होते हुए केंद्र सरकार को भेजा जाता है. एएचएस वास्तविक स्थितियों से सरकार को अवगत कराता है.
एएचएस के रिपोर्ट के अनुसार 60 प्रतिशत टीकाकरण की बात कही जा रही है, हालांकि इससे ज्यादा टीकाकरण हुआ है. कुछ जगहों पर टीकाकरण जागरूकता के अभाव में बाधित हो रहा है.उस जगह को भी कवर करने की कोशिश हो रही है. पेंटावेलेंट सदर प्रखंड में दिया जा्र रहा है, लेकिन कुछ केंद्रों के पदाधिकारी नहीं ले जा रहे हैं.
डॉ बीके गोस्वामी, जिला आरसीएच पदाधिकारी.
