आफत की अरसात, लोगों की बढ़ी परेशानी, जनजीवन अस्त व्यस्त
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :30 Sep 2019 8:09 AM (IST)
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धनबाद : कोयलांचल में रविवार को भी बारिश जारी रही. हालांकि दिन में बारिश से हल्की राहत मिली. लेकिन रात को फिर भारी बारिश से जनजीवन ठहर गया. दूसरी तरफ बारिश से हुई क्षति का आकलन शुरू हो गया है. शनिवार को यहां रिकॉर्ड तोड़ बारिश से हुई तबाही के मुकाबले आज थोड़ी राहत मिली. […]
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धनबाद : कोयलांचल में रविवार को भी बारिश जारी रही. हालांकि दिन में बारिश से हल्की राहत मिली. लेकिन रात को फिर भारी बारिश से जनजीवन ठहर गया. दूसरी तरफ बारिश से हुई क्षति का आकलन शुरू हो गया है.
शनिवार को यहां रिकॉर्ड तोड़ बारिश से हुई तबाही के मुकाबले आज थोड़ी राहत मिली. सुबह में हल्की बारिश हुई. इसके बाद कुछ देर के लिए बारिश रुकी तो जलजमाव वाले क्षेत्र में पानी निकासी का काम शुरू हुआ. कई जगहों पर नाला तोड़ा गया. कई स्थानों पर लोग बाल्टी से पानी निकालने में लगे रहे. दोपहर बाद फिर से तेज बारिश शुरू हो गयी. लगभग एक घंटा तक बारिश होती रही. फिर कुछ देर के लिए थमी. रात नौ बजे के करीब फिर तेज बारिश शुरू हो गयी.
साथ ही तेज हवा के साथ बिजली कड़कने लगी. मौसम विभाग के अनुसार आज यहां लगभग 40 एमएम बारिश रिकॉर्ड किया गया. सोमवार को भी यहां बारिश जारी रहने की संभावना है. सनद हो कि धनबाद जिला में पिछले छह दिनों से लगातार बारिश हो रही है. खासकर शुक्र एवं शनिवार को यहां भारी बारिश हुई.
करोड़ों की क्षति का अनुमान
उपायुक्त के निर्देश पर रविवार को सभी अंचलों में भारी बारिश से हुई क्षति का आकलन शुरू हो गया है. दुकानों, घरों के अलावा अस्पतालों में भारी नुकसान हुआ है. मिट्टी के घर तो बड़ी संख्या में गिरे. गरीबों को क्षति के हिसाब से सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जायेगा. इसके लिए सभी सीओ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी है.
ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से जलजमाव
फाइलों में सिमट कर रह गयी 438 करोड़ की सिवरेज एंड सेप्टेज योजना
197.3 किमी तक बनना है नाला
स्टील गेट, बैंक मोड़ व सिंदरी में बनना है वाटर ट्रिटमेंट प्लांट
2018 में बोर्ड से पारित हो चुकी है योजना
वाटर ट्रिटमेंट प्लांट के लिए जमीन की कमी बन रही बाधक
धनबाद : अगर शहर का ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त होता और आवास या बाजार के निर्माण के दौरान जल निकासी का ध्यान रखा जाता तो बारिश में जगह-जगह जल जमाव और घरों में पानी भरने की समस्या से बचा जा सकता था. इसके अलावा नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण भी पानी निकल नहीं पाता है और ऊपर बहने लगता है. शनिवार को बारिश में घरों-मुहल्लों में पानी भरने के ये प्रमुख कारण हैं.
नगर निगम बोर्ड का गठन हुए नौ साल बीत गये लेकिन सिवरेज एंड ड्रेनेज सिस्टम धरातल पर नहीं उतरा. सिवरेज एंड ड्रेनेज सिस्टम पर कई बार डीपीआर बनी. डीपीआर पर कंसल्टेंट को लाखों रुपये दिये गये, लेकिन योजना फाइलों में ही सिमट कर रह गयी.
पिछले साल जूडको की देखरेख में टीटीइ कंसल्टेंट ने 434 करोड़ की डीपीआर तैयार की. 197.3 किलोमीटर तक नाला व स्टील गेट, बैंक मोड़ व सिंदरी में पांच जगहों पर वाटर ट्रिटमेंट प्लांट का प्रस्ताव था. दिसंबर 2018 में सिवरेज एंड ड्रेनेज (सेप्टेज) योजना को बोर्ड में पारित कराया गया. सरकार के प्रस्ताव भेजा गया लेकिन आज तक योजना का सीएस तक नहीं हुआ.
करोड़ों खर्च, फिर भी नहीं हुई नालों की सफाई : एक करोड़ 80 लाख रुपये सफाई पर हर माह नगर निगम खर्च करता है. बावजूद नालों की सफाई ठीक से नहीं हो पाती. बरसात के पहले छोटे-बड़े 56 नालों की सफाई का आदेश दिया गया था, लेकिन सफाई नहीं की गयी.
लिहाजा लगातार हो रही बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया. निगम की मानें तो नाला के अतिक्रमण के कारण सफाई में परेशानी हो रही है. जय प्रकाश नगर में नाला को अतिक्रमण कर लोगों ने घर बना लिये हैं. इसके कारण बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है.
सिवरेज एंड ड्रेनेज सिस्टम के लिए कई बार डीपीआर बनी. डीपीआर पर कंसल्टेंट को लाखों रुपये दिये गये, लेकिन योजना कागजों में ही सिमट कर रह गयी. करोड़ों रुपये सफाई पर खर्च किये जा रहे हैं. बावजूद शहर की नारकीय स्थिति है.
निर्मल मुखर्जी, पार्षद
सिवरेज एंड सेप्टेज का डीपीआर तैयार है. सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया है. वाटर ट्रिटमेंट प्लांट के लिए जमीन का इशू है. जिला प्रशासन से स्टील गेट, बैंक मोड़ व सिंदरी में जमीन मांगी गयी थी. लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक जमीन उपलब्ध नहीं करायी गयी. जमीन उपलब्ध होने के बाद सिवरेज एंड ड्रेनेज सिस्टम पर आगे पहल की जायेगी.
चंद्रशेखर अग्रवाल, मेयर
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