धनबाद्र : संजय सिंह हत्याकांड में पप्पू सिंह के खिलाफ आरोप गठन

Updated at : 24 Jan 2019 6:52 AM (IST)
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धनबाद्र :  संजय सिंह हत्याकांड में पप्पू सिंह के खिलाफ आरोप गठन

धनबाद्र : कोयला कारोबारी संजय सिंह हत्या मामले में सुनवाई बुधवार को जिला व सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय की अदालत में हुई. अदालत में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाती रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह हाजिर थे. उनकी ओर से अधिवक्ता जया कुमार ने पैरवी की. अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप गठन किया. जबकि […]

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धनबाद्र : कोयला कारोबारी संजय सिंह हत्या मामले में सुनवाई बुधवार को जिला व सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय की अदालत में हुई. अदालत में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाती रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह हाजिर थे. उनकी ओर से अधिवक्ता जया कुमार ने पैरवी की.

अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप गठन किया. जबकि पप्पू सिंह ने आरोप से इंकार किया. अदालत ने आइओ व डॉक्टर को छोड़ शेष गवाहों को गवाही के लिए सम्मन निर्गत करने का आदेश दिया. वहीं साक्ष्य के लिए अगली तिथि 6 फरवरी 2019 तय कर दी. ज्ञात हो कि यह घटना 27 मई 96 को एसएसएलएनटी कॉलेज के समीप सुबह दस बजे घटी थी.

पुलिस ने 9 अगस्त 96 को सुरेश सिंह व रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर किया. वहीं सीआइडी ने 24 फरवरी 98 को रामधीर सिंह, पवन सिंह, काशीनाथ सिंह के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में समर्पित किया था. अदालत तीनों आरोपी को पूर्व में ही रिहा कर चुका है.

रंजय सिंह हत्याकांड में मामा की डिस्चार्ज पिटीशन खारिज
रंजय सिंह हत्याकांड में सुनवाई बुधवार को जिला व सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत में हुई. अदालत ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार, रांची में बंद नंद कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह उर्फ रूना सिंह उर्फ मामा की ओर से दायर डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी. अदालत ने आरोप गठन के लिए अगली तिथि 7 फरवरी 19 तय कर दी. ज्ञात हो कि 29 जनवरी 17 को जब रंजय सिंह स्कूटी से राजा यादव के साथ घर जा रहे थे तभी अपराधियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी. जबकि राजा यादव बाल-बाल बचा था.
डकैती में एक को पांच वर्ष की सजा
बाबूडीह निवासी मनोज कुमार के घर लाखों रुपये की हुई डकैती मामले में बुधवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार चौधरी की अदालत ने सजा की बिंदु पर फैसला सुनाया. कोर्ट ने अनिल रवानी (धनसार) को भादवि की धारा 395 में दोषी पाकर पांच वर्ष कैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. अदालत दो डकैतों को पूर्व में ही सजा सुना चुकी है.
रंगदारी मामले में फहीम खान की पेशी
धनबाद. ठेकेदारों से जेल से रंगदारी मांगने के मामले की सुनवाई बुधवार को न्यायिक दंडाधिकारी मिस संगीता की अदालत में हुई. घाघीडीह जेल जमशेदपुर में बंद फहीम खान की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करायी गयी. अभियोजन ने कोई गवाह प्रस्तुत नहीं किया. अदालत ने अगली तिथि मुकर्रर कर दी है.
ज्ञात हो कि 11 दिसंबर 2013 को बैंक मोड़ के तत्कालीन थाना प्रभारी रमेश कुमार के स्वलिखित बयान पर जेल में बंद फहीम खान के विरुद्ध प्राथमिकी कांड संख्या 274/13 दर्ज की गई थी. इसके मुताबिक 30 जनवरी 2013 को फहीम ने मोबाइल नं 8292385612 से शावल मशीन पर एक लाख रूपया, लोहा में एक रुपया किलो की रंगदारी कुल दस लाख रुपये की रंगदारी ठेकेदार से मांगी थी. पुलिस ने 13 मार्च 15 को फहीम खान के खिलाफ चार्जशीट दायर किया था.
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