बजट प्रतिक्रिया : धनबाद को कुछ नहीं मिलने से मायूसी
Updated at : 23 Jan 2019 6:32 AM (IST)
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मुख्यमंत्री रघुवर दास की ओर से मंगलवार को पेश झारखंड बजट की सराहना करते हुए सत्ता पक्ष ने उसे जनोपयोगी बताया है, वहीं विपक्ष ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि सरकार के पास कोई विजन नहीं है. इस बजट में धनबाद के लिए कुछ भी नहीं है. इससे लोगों में मायूसी है. सत्ता […]
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मुख्यमंत्री रघुवर दास की ओर से मंगलवार को पेश झारखंड बजट की सराहना करते हुए सत्ता पक्ष ने उसे जनोपयोगी बताया है, वहीं विपक्ष ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि सरकार के पास कोई विजन नहीं है. इस बजट में धनबाद के लिए कुछ भी नहीं है. इससे लोगों में मायूसी है.
सत्ता पक्ष ने सराहा, विपक्ष ने नकारा
यह बजट संतुलित है. महिलाओं, बुजुर्गों, गरीबों का खास ख्याल रखा गया है. वृद्धा, विधवा पेंशन में बढ़ोतरी, सहिया के मानदेय में बढ़ोतरी से आम लोगों को लाभ होगा. झारखंड में विकास की गति तेज होगी.
राज सिन्हा, विधायक, धनबाद
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ऐतिहासिक पेश बजट किया है. इसमें हर वर्ग का ख्याल रखा गया है. प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज निर्माण से किसानों को लाभ होगा. महिलाओं की आर्थिक उन्नति पर विशेष ध्यान दिया गया है.
फूलचंद मंडल, विधायक, सिंदरी
पिछले बजट की घोषणाएं अब तक पूरी नहीं की गयी हैं. यह बजट सिर्फ लोगों को लुभाने के लिए पेश किया गया है. छात्रों व किसानों की इतनी चिंता थी तो चार वर्ष से राज्य सरकार ने क्यों कुछ नहीं किया. जनता समझ चुकी है. चुनाव में इसका परिणाम दिखेगा.
ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
व्यवसायियों ने कहा : एयरपोर्ट नहीं मिला, धनबाद के साथ अन्याय
झारखंड सरकार के बजट के सारे प्रावधान अच्छे हैं, लेकिन धनबाद के साथ अन्याय हो रहा है. फ्लाइओवर का निर्माण हो रहा है. सड़क चौड़ी हो रही है, लेकिन विस्थापन का संकट खड़ा है. जल संकट से कोयलांचल जूझ रहा है. तीन-तीन दिनों तक लोगों को पानी नहीं मिल रही है.
राजीव शर्मा, महासचिव जीटा
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अच्छा बजट पेश किया है. बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है. कृषि क्षेत्र को फोकस किया गया है. सुकन्या योजना की शुरुआत की गयी जो अच्छी पहल है. पहली बार चाइल्ड बजट पेश किया गया है, जो सराहनीय है. कुल मिलाकर बजट अच्छा है.
केदार नाथ मित्तल, अध्यक्ष जीटा
15 जनवरी को सीएम ने धनबाद के एक कार्यक्रम में एयरपोर्ट देने की घोषणा की थी, लेकिन बजट में कहीं देखने को नहीं मिला. उसी प्रकार देश को सबसे अधिक रोजगार देनेवाला एमएसएमइ उद्योग को बचाने की दिशा में किसी प्रकार का प्रावधान बजट में नहीं किया गया. चुनावी बजट है.
अमितेश सहाय, कोषाध्यक्ष जीटा
चिकित्सकों की राय : सरकारी अस्पतालों में दवा और डॉक्टर की भी व्यवस्था हो
बजट में किसानों व बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया है. लेकिन स्वास्थ्य सेवा में विशेष घोषणाएं नहीं हुई. इससे मायूसी मिली. सरकारी अस्पतालों व केंद्रों में व्यवस्था बदहाल है. इस पर ध्यान देना चाहिए.
डॉ लोकेश जालान, नेत्र रोग विशेषज्ञ
बाइक एंबुलेंस ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अच्छी सेवा है. लेकिन सरकारी अस्पतालों व केंद्रों में दवा और डॉक्टर नहीं हैं. इसकी भी व्यवस्था हो. इसके लिए सरकार को बजट में विशेष कार्य करने की जरूरत थी.
डॉ सुशील कुमार, सचिव, आइएमए, धनबाद
झारखंड सरकार का बजट आम लोगों की ध्यान में रखकर तैयार किया है. लेकिन धनबाद में फ्लाइओवर, एयरपोर्ट आदि चीजों पर भी ध्यान होना चाहिए. स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद पर टैक्स कम करना चाहिए.
डॉ मासूम आलम, फिजिशियन
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