ऋण घोटाला में जोड़ापोखर पैक्स के 200 बकायेदारों के खिलाफ जारी किया वारंट
Updated at : 06 Jul 2018 6:51 AM (IST)
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धनबाद : ऋण घोटाला को लेकर जोड़ापोखर पैक्स हमेशा सुर्खियों में रहा है. मुख्यमंत्री जन संवाद में मामला आने के बाद अब कार्रवाई शुरू की गयी है. छोटे-बड़े सभी बकायेदारों पर कार्रवाई की जा रही है. 300 बकायेदारों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस की कार्रवाई चल रही है. 200 बकायेदारों के खिलाफ वारंट निर्गत किया गया […]
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धनबाद : ऋण घोटाला को लेकर जोड़ापोखर पैक्स हमेशा सुर्खियों में रहा है. मुख्यमंत्री जन संवाद में मामला आने के बाद अब कार्रवाई शुरू की गयी है. छोटे-बड़े सभी बकायेदारों पर कार्रवाई की जा रही है. 300 बकायेदारों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस की कार्रवाई चल रही है. 200 बकायेदारों के खिलाफ वारंट निर्गत किया गया है. मुख्यमंत्री जन संवाद में जो मामले आया है, उसका निष्पादन किया जा रहा है.
अब तक 300 लोगों का उनका पैसा वापस किया गया है. अाज भी लोन का लगभग 19 करोड़ रुपया लोगों ने दबा रखा है. बड़े बकायेदारों की सूची बनायी जा रही है. वारंट के बाद सीधे उन्हें जेल भेजने की तैयारी है. वर्ष 1996 के बाद नियमों को ताक पर रखकर प्रबंधन समिति ने नॉन मेंबर को भी लोन दे दिया. अधिकतम 25 हजार तक लोन का प्रावधान है, लेकिन प्रबंध समिति ने कमीशन लेकर दो चार लोगों को 70 लाख से एक करोड़ तक लोन बांट दिया.
पूर्व अध्यक्ष पर एफआइआर : पूर्व प्रबंधक सखीचंद व दो अन्य लोगों पर छह माह पहले जोड़ापोखर थाना में एफआइआर दर्ज करायी गयी है. इनमें एक सदस्य की मृत्यु हो चुकी है. जबकि सखीचंद व अन्य आज भी कानून से काफी दूर हैं. विभागीय सूत्र बताते हैं कि जोड़ापोखर थाना की उदासीनता के कारण आज तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई. अगर पुलिस सक्रिय होती तो दोषी कानून के शिकंजा में होता और पूछताछ में कई मामले सामने आते.
80 बकायेदारों का नहीं मिल रहा एड्रेस
मुख्यमंत्री जन संवाद में मामला आने के बाद एक-एक बकायादार की सूची तैयार कर सर्टिफिकेट केस किया जा रहा है. 200 के खिलाफ वारंट निर्गत किया गया है. इसमें 80 ऐसे बड़े बकायेदार हैं जिनका एड्रेस ही गलत है. प्रबंध समिति से ऐसे बकायेदारों के बारे में पूछताछ की जा रही है. विभागीय सूत्रों के अनुसार पूर्व की पैक्स प्रबंध समिति के कुछ लोग गलत एड्रेस पर करोड़ों का लोन उठा लिये हैं. पूछताछ चल रही है. बड़े खुलासा होने की संभावना है.
पैक्स की कार्यशील पूंजी जीरो
पैक्स की कार्यशील पूंजी जीरो हो गयी है. जो पूंजी थी, उसे लोन दे दिया गया. मुख्यमंत्री जन संवाद में मामला आने के बाद बकायेदारों से वसूली शुरू की गयी है. विभागीय सूत्र बताते हैं कि वसूली में प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्यों का सहयोग नहीं मिल रहा है. जिसके कारण बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है.
पैक्स की हैं और चार शाखाएं
जोड़ापोखर पैक्स की चार और शाखाएं हैं. पाथरडीह, चांदमारी, झरिया, भौंरा में शाखाएं चल रही हैं. भौंरा को छोड़कर सभी शाखाओं में विवाद है.
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