सेंट्रल जेल से बाबा बैद्यनाथ व बासुकिनाथ मंदिर भेजे गये दो पुष्प मुकुट

सावन पूर्णिमा पर परंपरा के अनुसार देवघर सेंट्रल जेल में बंदियों द्वारा दो पुष्प मुकुट तैयार किये गये, जिसमें एक बाबा बैद्यनाथ और दूसरा बाबा बासुकिनाथ की शृंगार पूजा के लिए भेजा गया.
वरीय संवाददाता, देवघर. सावन पूर्णिमा पर परंपरा के अनुसार देवघर सेंट्रल जेल में बंदियों द्वारा दो पुष्प मुकुट तैयार किये गये, जिसमें एक बाबा बैद्यनाथ और दूसरा बाबा बासुकिनाथ की शृंगार पूजा के लिए भेजा गया. दोनों मुकुट को जेल से निकालकर मंदिर में रखा गया. एक मुकुट बासुकिनाथ के लिए सुरक्षा के साथ एक कर्मी और चालक के साथ भेजा गया, जबकि जेल अधीक्षक सत्येंद्र चौधरी और अन्य कर्मी बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पुष्प मुकुट लेकर गये.जेल अधीक्षक ने बताया कि यह परंपरा अंग्रेज जेलर के समय से चली आ रही है, जिसमें हर दिन कैदियों द्वारा बाबा को मुकुट अर्पित किया जाता है, जबकि शिवरात्रि पर मोउर चढ़ाया जाता है. सावन पूर्णिमा पर दो नये मुकुट अर्पित किये जाते हैं. एक मुकुट बनाने में लगभग पांच किलो फूल लगते हैं. देवघर जेल में 18 अगस्त से बाबा कक्ष में संकीर्तन शुरू हुआ, जो सुबह समाप्त हुआ. सुबह 10 बजे से जेल के बाबा शृंगार मंदिर में संकीर्तन शुरू हुआ, जो 20 अगस्त की सुबह 11 बजे तक चलेगा. इस अवसर पर बंदियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और बाहर से आये अतिथियों ने प्रसाद ग्रहण किया.
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