वरीय संवाददाता, देवघर . विभिन्न कंपनियों के कस्टमर अधिकारी बनकर लाभुकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ साइबर थाने की पुलिस ने किया है. इस मामले में छह युवकों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से नौ मोबाइल फोन व सात सिमकार्ड बरामद किये गये हैं. गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर सभी को कोर्ट में पेश कराया गया और कोर्ट के निर्देश पर आरोपितों को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस मीडिया सेल ने जानकारी दी है कि गिरफ्तार आरोपितों में मोहनपुर थाना क्षेत्र के आमगाछी गांव निवासी अलाउद्दीन अंसारी, मारगोमुंडा थाना क्षेत्र के मुरलीपहाड़ी गांव निवासी राहत अंसारी, शरीफ अंसारी, वसीम अंसारी, पालोजोरी थाना क्षेत्र के पथरघटिया गांव निवासी हिजब अंसारी व वसीम अंसारी शामिल हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित लाभुकों को कॉल कर उनके खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी प्राप्त करते थे और फिर उनके खाते से पैसे उड़ा लेते थे. इसके अलावा वे लोग पीएम किसान योजना का फर्जी लिंक भेजकर और बैंक सहित सरकारी अधिकारी बनकर फर्जी सिमकार्ड से कॉल कर ग्राहकों को झांसे में लेने के पश्चात बैंक डिटेल्स लेकर ठगी करते हैं. जब्त मोबाइल नंबरों की जांच करने पर पता चला कि इन लोगों के मोबाइल नंबरों के खिलाफ जेएमआइएस पोर्टल पर ऑनलाइन ठगी की शिकायतें दर्ज हैं. साइबर थाने की गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मोहनपुर थानांतर्गत चौपा जंगल में छापेमारी कर इन आरोपितों को गिरफ्तार किया. सभी आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ है. पुलिस ने आम नागरिकों से अपील कर कहा है कि वे किसी भी अनजान कॉल पर अपने बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और यदि किसी प्रकार की ठगी होती है, तो तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल में शिकायत करें. छापेमारी टीम में साइबर थाने के इंस्पेक्टर त्रिलोचन तमसोय सहित एसआइ प्रफुल्ल कुमार मांझी व सशस्त्र पुलिस बल शामिल थे.
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