प्रतिनिधि, चितरा . थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित अजय नदी के तट व बरमशोली स्थित प्रसिद्ध शतीकुंड में मकर संक्रांति के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. श्रद्धालुओं ने आसनबनी पांडुवा स्थित अजय नदी के किनारे व शतीकुंड में स्नान कर सूर्य देव, भगवान शिव की पूजा अर्चना की, साथ ही परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की. विदित हो कि बरमशोली गांव स्थित शतीकुंड को लेकर कई तरह की पौराणिक कथाएं प्रसिद्ध है. यहां के लोग मानते है कि शतीकुंड के गर्भ में अनेक रहस्य छुपे हुए हैं, जिस कारण यह स्थल मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है. लोगों की मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के अवसर पर यहां स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. वहीं यहां मेले का भी आयोजन मेला कमेटी की ओर से किया जाता है. गुरुवार को शतीकुंड स्थल के समीप मेले के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें नंदलाल अलबेला भजन ग्रुप ने भजन सह झांकी की प्रस्तुति दी. इसके अलावा स्नान-ध्यान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर तिल, गुड़, चूड़ा-दही सहित पारंपरिक व्यंजनों का भोग भी लगाया. मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी रहीं, जहां खिलौने, मिठाइयां, बर्तन, घरेलू सामान व स्थानीय उत्पादों की जमकर बिक्री हुई. आसनबनी स्थित अजय नदी तट पर भी मेला पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुआ. मेले को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस भी तैनात थी. मौके पर शतीकुंड मेला कमेटी के सुधीर चंद्र वर्मा, राजू यादव, परमेश्वर महतो, राजेश महतो, नवल महतो, सुनील प्रसाद सिंह समेत अन्य उपस्थित थे.
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