कवि जानकी वल्लभ शास्त्री का मना स्मृति दिवस

मधुपुर के राहुल अध्ययन केंद्र में कार्यक्रम आयोजित
मधुपुर. शहर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में प्रसिद्ध साहित्यकार भैरव प्रसाद गुप्त व प्रसिद्ध कवि जानकी वल्लभ शास्त्री स्मृति दिवस पर याद किया गया. इस दौरान लोगों ने दोनों विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. वहीं, धनंजय प्रसाद ने कहा कि भैरव प्रसाद गुप्त कहानीकार, उपन्यासकार, नाटककार व संपादक थे. वे जनवादी लेखक संघ के संस्थापक अध्यक्ष थे. उन्होंने हिन्दी के प्रचारक बनकर मद्रास व त्रिचीरायल्ला गये. उन्होंने ने माया, मनोहर कहानियां, नयी कहानियां आदि पत्रिकाओं का संपादन किया. उनकी प्रमुख रचनाएं उपन्यास – शोले, मसाला, गंगा मैया, जंजीर व नया आदमी, भाग्य देवता आदि संग्रह है. कहानी संग्रह में मुहब्बत की रातें, फरिश्ता, बिगड़े हुए दिमाग, इंसान, नाटक – चंद्रवरदाई, अनुवाद – मां, लेनिन, माओत्से तुंग आदि. उन्होंने कहा कि जानकी वल्लभ शास्त्री हिन्दी साहित्य के महान कवि, लेखक व आलोचक थे उनकी प्रसिद्ध रचनाएं – महाकाव्य – राधा , उपन्यास – कालीदास , कहानी संग्रह – एक किरण सौ झाड़ेसा , नाटक -बड़ा मंदिरम आदि है. वहीं, अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
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