बाबा और पार्वती मंदिर के शिखर से खुलेंगे पंचशूल, महाशिवरात्रि की तैयारी जोरों पर

Updated at : 12 Feb 2026 9:15 PM (IST)
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Baba Temple Deoghar

बाबा वैद्यनाथ धाम देवघर

Deoghar: महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. बाबा और पार्वती मंदिर के शिखर से पंचशूल खोले जाएंगे. उन्हें साफ कर दूसरे दिन फिर विधि-विधान से स्थापित किया जाएगा. श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और पूजा-अर्चना की विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिससे पर्व को भव्य रूप दिया जा सके.

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Deoghar: महाशिवरात्रि से पहले परंपरा के अनुसार बाबा वैद्यनाथ और मां पार्वती मंदिर के शिखर पर लगे पंचशूलों को शुक्रवार दोपहर बाद विधि पूर्वक खोला जायेगा. वहीं शनिवार को विशेष पूजा के बाद मंदिर के शिखर पर इसे फिर से स्थापित कर दिया जायेगा. अब तक बाबा मंदिर परिसर स्थित बाकी सभी मंदिरों के शिखर पर लगे पंचशूलों को खोलकर सफाई करने का काम पूरा कर लिया गया है. वहीं, शिखर पर लगे कलश की सफाई की जा रही है. शुक्रवार दोपहर दो बजे से बाबा व मां पार्वती मंदिर के शिखर पर लगे पंचशूल को खोलने की परंपरा शुरू की जायेगी.

सफाई के बाद दुबारा स्थापित होंगे पंचशूल

इसके पहले चिंतामणी भंडारी की अगुवाई में राजू भंडारी के टीम द्वारा बाबा और माता मंदिर के बीच बंधे पवित्र गठबंधन को खोला जायेगा. गठबंधन के बाद बाबा एवं मां पार्वती मंदिर से पंचशूल को खोलकर मंदिर से नीचे उतारा जायेगा. उसके बाद बाबा व मां के मंदिर से उतारे गए पंचशूलों का मिलन कराया जायेगा. इस अवसर पर पंचशूल को स्पर्श करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी से लेकर आम लोगों की भारी भीड़ होगी. पंचशूल को भीतरखंड स्थित सरदार पंडा आवास में सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा को पंचशूल स्पर्श कराने के बाद इसकी सफाई की जायेगी. वहीं कुछ भंडारी बाबा मंदिर के शिखर पर लगे सवामन सोने के कलश की सफाई करेंगे. कुछ लोग माता मंदिर के चांदी कलश की सफाई में लगेंगे.

बंद रहेगी गठबंधन चढ़ाने की परंपरा

परंपरा के अनुसार, बाबा और माता पार्वती मंदिर के पंचशूलों को खोलने के पूर्व गठबंधन को खोला जायेगा. उसी समय से गठबंधन चढ़ाने की परंपरा बंद हो जायेगी. पंचशूल पूजा के बाद शिखर पर पंचशूल लगाने के बाद सरदार पंडा, गुलाब नंद ओझा की ओर से पहला गठबंधन चढ़ाने के बाद फिर शनिवार से गठबंधन चढ़ाने की परंपरा को शुरू कर दी जाएगी.

शनिवार को विशेष पूजा के बाद स्थापित किये जायेंगे पंचशूल

चली आ रही परंपरा के अनुसार शनिवार को राधाकृष्ण मंदिर के बरामदे पर आचार्य गुलाब पंडित और मंदिर महंत सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा तांत्रिक विधि से बाबा और माता पार्वती सहित सभी मंदिरा के शिखर से उतारे गये पंचशूलों की पूजा करेंगे. इस पूजा में मंदिर उपचारक भक्तिनाथ फलहारी पूजा संपन्न कराने में सहयोग करेंगे. पूजा के बाद गणेश मंदिर से पंचशूल लगाने की परंपरा शुरू होगी.

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AmleshNandan Sinha

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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