पत्थरड्डा पहाड़ पर दूर-दूर से पिकनिक मनाने पहुंचते हैं सैलानी

Updated at : 29 Dec 2024 11:12 PM (IST)
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पत्थरड्डा पहाड़ पर दूर-दूर से पिकनिक मनाने पहुंचते हैं सैलानी

पांडवों के आगमन का हैं कई प्रमाण, भीम के पदचिह्न को देखने पहुंचते हैं

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सारठ. जिले के तपोवन, त्रिकुट पहाड़, पुनासी, अजय बराज, फुलजोरी पहाड़ की तर्ज पर नये वर्ष के स्वागत को लेकर बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पत्थरड्डा पहाड़ पहुंचते हैं. हालांकि यहां सालों भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है. खास कर नववर्ष पर यहां हजारों पर्यटक पहुंचकर वनभोज का आनंद लेते हैं. जिस प्रकार तपोवन पर्वत पर अनेक ऋषि मुनियों के आगमन की कथाएं विख्यात हैं. उसी प्रकार पत्थरड्डा पहाड़ पर द्वापरयुग में पांडवों के आगमन के प्रमाण दिखने को मिलते है. बताया जाता है कि द्वापर युग में पांडवों का वनवास के वक्त पत्थरड्डा पहाड़ पर कुछ समय बिता था. आज भीम के पैरों के निशान पहाड़ की चोटी पर दिखने को मिलता है. अक्सर पिकनिक पर आने वाले पर्यटक भीम के पद चिह्न को देखने ऊपर चोटी तक पहुंचते हैं. वहीं, पहाड़ से निकलने वाला झरने का पानी की मिठास अनायास ही लोगों को अपने ओर आकर्षित करते है. पत्थरड्डा पहाड़ लगभग 20 किलोमीटर एरिया में फैला है, जिसपर पिछले तीन चार वर्षों पूर्व वन विभाग द्वारा पहाड़ के ऊपर हजारों पेड़ लगवाए है. दरअसल, पहाड़ पर आज भी दुर्लभ जड़ी-बूटियों का भंडार है, जिसे पुराने व जानकर लोग लेने आते हैं.

कैसे पहुंचे पत्थरड्डा पहाड़

देवघर से दक्षिण 36 किलोमीटर सारठ, फिर तीन किलोमीटर बामन गामा से होते हुए सात किलोमीटर की दूरी से पत्थरड्डा पहाड़ पहुंच सकते है. पहाड़ सारठ प्रखंड की चार पंचायत पत्थरड्डा, नवादा, बोचबांध एवं बसाहाटांड़ पंचायत के अंतर्गत लगभग 20 किलोमीटर एरिया में फैला है. पहाड़पुर गांव के पास तो बनी चौड़ी सड़कें पर पर्यटक रुककर सेल्फी लेना न भूलते हैं.

पर्यटन के रूप में विकसित हो, तो बनेगी झारखंड की पहचान

प्राकृतिक सुंदरता से भरा यह पहाड़ को पर्यटन के रूप में विकसित करने की मांग उठती रहती है. हालांकि स्थानीय विधायक चुन्ना सिंह ने पहले भी पत्थरड्डा को पर्यटन की दृष्टिकोण से विकसित करने की आवाज बिहार विधान सभा में उठा चुके है. पुनः समय सारठ के लोगों ने दिया है. उम्मीद पुनः जागृत हुई है. जल्द ही पत्थरड्डा पहाड़ को पांडवों के आगमन के पद चिह्न को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करते हुए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल करेंगे.

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पांडवों के आगमन का हैं कई प्रमाण, भीम के पदचिह्न को देखने पहुंचते हैं लोग

पिकनिक मनाने नववर्ष व मकर संक्रांति पर पिकनिक करने पहुंचते है हजारों लोग

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