Shravani Mela: श्रावणी मेला में खुली बिजली विभाग की पोल, अंधेरे में भटकते दिखे श्रद्धालु

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Shravani Mela: श्रावणी मेला क्षेत्र में बिजली गुल रहने से श्रद्धालु परेशान दिखे. काफी देर तक श्रद्धालुओं को अंधेरे में भटकना पड़ा. इससे बिजली विभाग की तैयारियों की पोल भी खुल गयी. स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के कंट्रोल रूम में कॉल कर बिजली कटने की जानकारी दी.
Shravani Mela: राजकीय श्रावणी मेला 2025 में निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा एक बार फिर धराशायी हो गया. शनिवार की रात करीब 8:45 बजे मेला क्षेत्र के बेलाबगान, कोठिया अस्थायी पड़ाव और कांवरिया पथ इलाके में अचानक बिजली गुल हो गयी, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. अंधेरे में खरीदारी, भोजन, आवाजाही और दर्शन संबंधी सभी गतिविधियां ठप पड़ गयीं.
लोगों को हुई परेशानी
वहीं, बिजली कटने के बाद कोठिया इलाके में पसरे अंधेरे के बीच श्रद्धालुओं को एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने, भोजन बनाने व भोजनालयों में खाना खाने, बच्चों व महिलाओं को खरीदारी करने, एलईडी स्क्रीन में भगवान की महिमा व देवघर प्रशासन की तैयारियों की जानकारी से वंचित हो गये. इतना ही नहीं अंधेरे के कारण श्रद्धालुओं को चोर-बदमाश का भय सताने लगा. कई श्रद्धालु तो अपने जरूरी सामान लेने के लिए वाहन तक पहुंचने को लेकर परेशान रहे.
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बिजली विभाग के कंट्रोल रूम में किया कॉल
इधर, स्थानीय लोगों को भी समस्या झेलने को मजबूर होना पड़ा. स्थानीय लोगों ने ही बिजली विभाग के कंट्रोल रूम में फोन कर बिजली कट की जानकारी देते हुए दुरुस्त करने की मांग की. मेला को संचालित करने के लिए मुख्यालय व बोर्ड से अधिकारियों व कर्मियों की बड़ी टीम लगायी गयी है, जो पूरे मेला क्षेत्र में बने शिविरों में प्रतिनियुक्त हैं. बावजूद बिजली गुल हो जाना चिंता का सबब बन गया है.
विभाग के दावों की खुली पोल
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा सवा महीने तक मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपये खर्च किये गए. लेकिन फिर भी बिजली आपूर्ति ठप हो जाना प्रशासनिक लापरवाही का नमूना है. नतीजतन, न कोई वैकल्पिक व्यवस्था रही और न ही कोई बैकअप प्लान. कंट्रोल रूम में फोन कर लोगों ने बिजली दुरुस्त करने की मांग की, ताकि श्रद्धालुओं को भोजन-पानी जैसी आवश्यक सेवाएं दी जा सकें.
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करंट से श्रद्धालु व मिस्त्री की हो चुकी है मौत
महीने भर चले मेंटेनेंस के बावजूद मेला शुरू होते ही एक श्रद्धालु की तथा पोल पर काम कर रहे बिजली मिस्त्री की करंट लगने से मौत हो चुकी है. अभी महज एक सप्ताह का समय बीता है. मेले का 20 से 22 दिन का समय अभी बचा है. बावजूद इस तरह की चूक प्रशासन के लिए चिंता खड़ी कर रही है.
बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मियों की बड़ी फौज तैनात
बिजली विभाग ने श्रावणी मेले में देवघर में कार्यपालक अभियंता स्तर के 24 पदाधिकारी, 10 विद्युत कर्मी की प्रतिनियुक्ति की है. वहीं विद्युत एरिया बोर्ड गिरिडीह की आर से आधा दर्जन सहायक अभियंता व मेंडेज के तौर पर 350 कर्मियों का लगाया गया है. साथ ही विद्युतकर्मियों की डयूटी के लिए पूरे मेला क्षेत्र व कांवरिया पथ इलाके में लगभग 40 शिविर बनाये गये हैं, जहां तीन पालियों में 24 घंटे विद्युत पदाधिकारी व कर्मियों की डयूटी लगायी गयी है.
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लेखक के बारे में
By Rupali Das
नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.
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