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Doctors Strike In Deoghar: देवघर के 250 डॉक्टर रहे हड़ताल पर, 6 हजार मरीज ओपीडी से लौटे

Updated at : 23 Apr 2025 9:21 PM (IST)
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Doctors Strike In Deoghar

इमरजेंसी में इलाज करते डॉक्टर्स

Doctors Strike In Deoghar: देवघर में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ कुंदन कुमार के साथ बीते दिनों हुई मारपीट की घटना से डॉक्टर आक्रोशित हैं. बुधवार को उन्होंने कार्य बहिष्कार किया और करीब 250 डॉक्टर हड़ताल पर चले गए. सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रही. करीब करीब छह हजार मरीज ओपीडी से लौटे. सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं.

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Doctors Strike In Deoghar: देवघर-शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ कुंदन कुमार के साथ बीते दिनों हुई मारपीट की घटना के बाद से ही चिकित्सकों में आक्रोश है. घटना के खिलाफ राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा संघ (आइएमए) और झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) के चिकित्सकों ने घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को कार्य बहिष्कार किया. जिलेभर के 250 चिकित्सक बुधवार की सुबह आठ बजे से हड़ताल पर चले गए. इस दौरान जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों और क्लिनिकों की ओपीडी सेवा पूरी तरह से बंद रही. हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं को चालू रखा गया, ताकि गंभीर मरीजों का तत्काल इलाज किया जा सके.

हड़ताल से छोटे बच्चे और बुजुर्गों को हुई परेशानी


हड़ताल के समर्थन में जिला इंडियन डेंटल एसोसिएशन, फिजियोथेरेपी एसोसिएशन और स्वास्थ्य कर्मचारी भी साथ में आए. जिले में चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने के कारण जिले के विभिन्न अस्पतालों में ओपीडी सेवा होने के कारण जिला में करीब 6,000 मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पायी. हालांकि कहीं से कोई अप्रिय घटना नहीं मिली. इन मरीजों को ओपीडी सेवा नहीं मिलने के कारण मरीजों को वापस लौटना पड़ा. इसमें सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चे और बुजुर्गों को हुई.

करीब 250 मरीजों का इमरजेंसी में हुआ इलाज


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सदर अस्पताल में प्रतिदिन करीब 600 मरीजों की जांच और इलाज किया जाता है. जिसमें करीब 250 मरीजों का ही इमरजेंसी में इलाज हो सका. इसके अलावा जिले के अन्य अनुमंडल अस्पतालों और सीएचसी समेत निजी क्लिनिक व अस्पतालों में करीब पांच हजार मरीजों को ओपीडी सेवा दी जाती है, लेकिन ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण इन सभी को भी वापस लौटना पड़ा. इसके अलावा इमरजेंसी में भी मरीज पहुंचते हैं. इमरजेंसी में मरीजों का इलाज चिकित्सकों ने किया. इतना ही नहीं हड़ताल के कारण चिकित्सकों ने न केवल ओपीडी सेवा बंद रखी. कुछ अस्पतालों में सर्जनों ने माइनर ऑपरेशन को भी टाल दिया, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को काफी परेशानी हुई.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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