ePaper

हरि-हर मिलन के साथ ही जोगीरा गाने लगे भक्त, उड़ाने लगे गुलाल, बाबानगरी में शुरू हुई होली

Updated at : 14 Mar 2025 12:00 AM (IST)
विज्ञापन
deoghar ki holi hari har milan baba baidyanath mandir jharkhand

सरदार पंडा ने बाबा बैद्यनाथ पर गुलाल अर्पित किये. फोटो : प्रभात खबर

Deoghar Ki Holi: बाबानगरी देवघर में हरि-हर मिलन के साथ होली की शुरुआत हो गयी. हरि-हर मिलन का नजारा देखने के लिए भारी संख्या में भक्त पहुंचे थे. भक्तों ने हरि-हर मिलन के बाद जोगीरा सारररररर... गाये. गुलाल भी उड़ाये.

विज्ञापन

Deoghar Ki Holi: ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में होली पर्व पर हरि-हर मिलन की अनूठी परंपरा निभायी गयी. हरि-हर मिलन से पहले गुरुवार की शाम 4:40 बजे सरदार पंडा श्रीश्री गुलाब नंद ओझा ने बाबा बैद्यनाथ पर मलमल के कपड़े से छानकर गुलाल अर्पित की. इसके साथ ही बाबा नगरी में होली की शुरुआत हो गयी. शाम को बाबा मंदिर प्रशासनिक भवन स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से राधा कृष्ण की प्रतिमा को पालकी पर बिठाकर बाबा मंदिर की परिक्रमा करके नगर भ्रमण करते हुए आजाद चौक स्थित दोल मंच पर लाया गया.

श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण को झुलाया, अबीर-गुलाल अर्पित किये

इस दौरान चौक-चौराहों पर मालपुआ का भोग भक्तों के बीच बांटा गया. ढोल नगाड़ा बजाते भक्त ‘जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी…’ के नारे लगा रहे थे. पालकी को आगे बाबा झा एवं मुख्य प्रबंधक रमेश परिहस्त और भंडारी लेकर जा रहे थे. फगडोल पर राधा-कृष्ण की मूर्ति को झूले पर बिठाते ही श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण का झूला झुलाया और अबीर-गुलाल अर्पित किये.

होलिका दहन के बाद राधा-कृष्ण को लाया गया बाबा मंदिर

देर रात शुभ मुहूर्त 10 बजे से रात 10:50 तक होलिका की विशेष पूजा की गयी. पुजारी आचार्य की ओर से आहुति दी गयी. होलिका दहन के बाद आजाद चौक से पालकी में बिठाकर राधा-कृष्ण की मूर्ति को दोबारा बाबा मंदिर लाया गया. यहां पर पुजारी दुर्गा प्रसाद ने पूजा के बाद विधिवत होलिका दहन किया. मंदिर पहुंचने के बाद पालकी से उतारकर राधा रानी को प्रशासनिक भवन स्थित राधा कृष्ण मंदिर में स्थापित किया गया.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

रात को 11:30 बजे बाबा मंदिर पहुंचे श्री हरि, हुआ हरि-हर मिलन

श्री हरि को डोली से उतारकर तय शुभ मुहूर्त रात के 11:30 बजे सीधे बाबा मंदिर के गर्भ गृह में ले जाया गया. यहां पर बाबा बैद्यनाथ पर उन्हें रखकर हरि-हर मिलन की परंपरा निभायी गयी. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल चढ़कर होली का शुभारंभ किया. शास्त्रों के अनुसार, फालगुन पूर्णिमा के ही के दिन भगवान विष्णु ने बाबा बैजनाथ की स्थापना की थी. इस परंपरा को कायम रखने के लिए हरि और हर का मिलन यहां पर कराया जाता है.

हरि-हर मिलन में खूब लगे जयकारे

श्री हरि के फगडोल से निकलने की सूचना प्राप्त होते ही बाबा मंदिर के गर्भ गृह में लोग जमा हो गये. इस दौरान यहां लोग हरि और हर के मिलन को देखकर गुलाल अर्पित करने के लिए खड़े थे. जैसे ही पुजारी हरि को लेकर गर्भ गृह में गये और हरि की प्रतिमा को शिवलिंग पर रखा, लोग आपस में जोर आजमाइश करने लगे. सररररर…. गाने लगे. गुलाल उड़ाने लगे. ये मिलन करीब 2 मिनट तक हुआ. उसके बाद पुन: भगवान को उनके मंदिर में रखा गया. इसके बाद बाबा की शृंगार पूजा करके मंदिर के पट को बंद कर दिया गया.

शुक्रवार को देवघर में मनायी जायेगी रंगों की होली

शुक्रवार को बाबा नगरी में पक्के रंग की होली खोली जायेगी. लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई देंगे, लेकिन चली आ रही परंपरा के अनुसार यहां शनिवार को भी होली होगी. इस होली को लोग बासी होली कहते हैं.

इसे भी पढ़ें

Video: दोले तू दोल गोविंदम… से गूंजा सरायकेला, भक्तों संग राधा-कृष्ण ने खेली होली

झारखंड का तापमान 39 डिग्री के पार, और चढ़ेगा पारा, 4 दिन तक Heat Wave का अलर्ट

Video: झारखंड के साइंटिस्ट की मोहाली में मौत, क्या हुआ था उस रात, CCTV के फुटेज में देखें

Holi 2025: खास है सरायकेला की होली, भक्तों संग रंग-गुलाल खेलने घर-घर दस्तक देते हैं राधा-कृष्ण

13 मार्च को कहां है सबसे सस्ता सिलेंडर, आपके यहां कितना है 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर का दाम, यहां देखें

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola