बिना बंदोबस्ती के ही नदी घाटों से बालू का हो रहा अवैध उठाव
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Nov 2019 7:39 AM
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मधुपुर : प्रशासन व खनन विभाग की अनदेखी के कारण बालू माफिया नदियों का अस्तित्व मिटाने पर तुल गये हैं. पहले जिन नदियों में जहां बालू ही बालू दिखायी देता था, वहां अब मैदान हो चुका है. बालू माफियाओं का मनोबल इस कदर बढ़ा हुआ है कि खुलेआम नदी घाटों पर ट्रैक्टर से अवैध रूप […]
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मधुपुर : प्रशासन व खनन विभाग की अनदेखी के कारण बालू माफिया नदियों का अस्तित्व मिटाने पर तुल गये हैं. पहले जिन नदियों में जहां बालू ही बालू दिखायी देता था, वहां अब मैदान हो चुका है. बालू माफियाओं का मनोबल इस कदर बढ़ा हुआ है कि खुलेआम नदी घाटों पर ट्रैक्टर से अवैध रूप से उठाव कर मनमानी कीमत पर बेच रहे हैं.
इससे न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि, नदियों का भी दोहन किया जा रहा है. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न नदी घाटों से प्रत्येक दिन सैकड़ों ट्रैक्टर बालू अवैध ढंग से उठाये जा रहे हैं. सुबह पांच बजे ही बालू का अवैध उठाव प्रारंभ हो जाता है, जो दिन भर चलता है.
हैरत की बात यह है कि बिना बंदोबस्ती वाले घाटों से बालू उठाव कर सप्लाइ किया जा रहा है, लेकिन, प्रशासन व खनन विभाग की ओर से इसपर पूरी तरह रोक लगाया जा सका है. कभी कभी एक-दो ट्रैक्टर पकड़ कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है, वर्ना बालू उठाव कर अधिकांश थाना क्षेत्रों से होकर बालू लोड ट्रैक्टर कैसे गुजर जाते.
इन नदी घाटों से रोजाना 200-250 ट्रैक्टर हो रहा बालू उठाव
पतरो नदी के नावा पतरो घाट, मोहनपुर घाट, साप्तर घाट, कोल्हाजोर घाट, टंडेरी घाट, पंदनिया जोरिया, फागो जोरिया, बरसतिया जोरिया, चेतनारी स्थित नदी घाट समेत एक दर्जन से अधिक घाटों से प्रत्येक दिन 200-250 ट्रैक्टर बालू का उठाव अवैध तरीके से किया जाता है.
बालू उठाने वाले ट्रैक्टरों से कुछ लोग नियमित रूप से घाटों के निकट अवैध रूप से उगाही भी करते हैं. एनजीटी द्वारा नदी घाटो से बालू उठाव पर रोक तो हट गया है. लेकिन, मधुपुर के आसपास किसी भी नदी घाट की बंदोबस्ती या नीलामी नहीं की गयी है. जिस कारण लोग मनमाना ढंग से बालू का अवैध उठाव कर रहे हैं.
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