“आखिर कैसे मर गया ओमप्रकाश”
Author Prabhat khabar digital desk
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देवघर : जसीडीह स्टेशन से बुधवार रात ट्रेन से बैग चुराने के आरोप में पकड़ा गया पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान जिले के कुल्टी थाना क्षेत्र के कोलियरी निवासी ओमप्रकाश बनियां (45) की गुरुवार देर रात मौत हो गयी. ओमप्रकाश की मौत कैसे हो गयी, इस पर सवाल उठ रहे हैं. डॉक्टर ने उसके पेलविस फ्रेक्चर […]
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देवघर : जसीडीह स्टेशन से बुधवार रात ट्रेन से बैग चुराने के आरोप में पकड़ा गया पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान जिले के कुल्टी थाना क्षेत्र के कोलियरी निवासी ओमप्रकाश बनियां (45) की गुरुवार देर रात मौत हो गयी. ओमप्रकाश की मौत कैसे हो गयी, इस पर सवाल उठ रहे हैं. डॉक्टर ने उसके पेलविस फ्रेक्चर व दो रिब टूटे होने की आशंका जतायी थी. पर, सदर अस्पताल और रेलवे पुलिस की लापरवाही के कारण उसका समुचित इलाज नहीं हो पाया. गंभीर रूप से घायल ओमप्रकाश को रेलवे पुलिस सदर अस्पताल, कोर्ट और जेल लेकर भटकती रही.
ओमप्रकाश को आरपीएफ की टीम ने पंजाब मेल ट्रेन से ट्रॉली बैग व पीठू बैग के साथ बुधवार रात को पकड़ा था. आरपीएफ टीम को देख उसने पुन: पंजाब मेल चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की. इस दौरान वह ट्रेन व पटरी के बीच की जगह में छिप गया था. बड़ी मशक्कत से आरपीएफ उसे निकाल कर इलाज के लिए सदर अस्पताल लायी थी. बाद में आरपीएफ एएसआइ रामू की शिकायत पर जसीडीह रेल थाने में मामला दर्ज किया गया था.
लापरवाही-01
गिरफ्तारी के बाद ओमप्रकाश को आरपीएफ ने घायल बताया था. गुरुवार सुबह 7.07 बजे उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया. सदर अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ मनोज कुमार गुप्ता ने उसे भर्ती किया. डीएस डॉ सीके शाही व आर्थो विशेषज्ञ डॉ एनएल पंडित ने भी ओमप्रकाश को देखा था. एक्सरे स्पष्ट नहीं होने के कारण डिजिटल एक्सरे कराने की सलाह दी थी. पर, पुलिसकर्मियों ने ओमप्रकाश का डिजिटल एक्सरे कराया ही नहीं.इस बीच गुरुवार दिन के तीन बजे इमरजेंसी ड्यूटी करने पहुंचे डॉ अनिकेत ने उसे मेडिकली फिट करार दे दिया.
लापरवाही-02
मेडिकली फिट करार दिये जाने के बाद ओमप्रकाश को रेल पुलिस ने रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी मधुपुर के कोर्ट में पेश किया. रेलवे कोर्ट में प्रक्रिया पूरी कर प्रोडक्शन वारंट पर रेल पुलिस ओमप्रकाश को लेकर गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे मधुपुर उपकारा पहुंची. आनन-फानन में उसे जेल में शिफ्ट कराने का प्रयास किया. पर जेलकर्मियों ने उसे गंभीर रूप से घायल पाया. वह चलने-फिरने व खड़ा रहने में असमर्थ था. जेल कर्मियों ने रेल पुलिस को उसे सदर अस्पताल ले जाने को कहा.
लापरवाही-03
ओमप्रकाश को दूसरी बार गुरुवार देर रात करीब 3:20 बजे सदर अस्पताल लाया गया. यहां इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर एके अनुज ने बिना चेकअप किये ही उसका नाम भर्ती रजिस्टर में इंट्री कर दिया. बाद में ओमप्रकाश को देखने पर डॉ एके अनुज ने उसे ब्रॉड डेड करार दिया. इसके बाद भर्ती रजिस्टर से उसके नाम को काट दिया. फिर पुलिस इंफोर्मेशन रजिस्टर में बैद्यनाथधाम ओपी प्रभारी के नाम आेमप्रकाश के मृत होने संबंधी सूचना लिखी. बैद्यनाथधाम ओपी प्रभारी ने ओमप्रकाश की मौत से संबंधित सूचना रिसीव कर अपने हस्ताक्षर के नीचे समय 25 अक्तूबर की सुबह 11:35 बजे अंकित किया है.
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