जर्जर भवन में चल रहा मारगोमुंडा थाना
Updated at : 21 Jan 2019 5:36 AM (IST)
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मारगोमुंडा : मारगोमुंडा थाना 2012 में बना था. थाना बनने के छह साल बाद भी यहां बुनियादी संसाधनों का अभाव है. इसके पहले इस इलाके का भी थाना करौं ही था. थाना बनने के बाद लोग शिकायत लेकर दूर जाने की परेशानी से बचे. यह थाना सीमावर्ती क्षेत्रों से घिरा हुआ है. एक तरफ जामताड़ा […]
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मारगोमुंडा : मारगोमुंडा थाना 2012 में बना था. थाना बनने के छह साल बाद भी यहां बुनियादी संसाधनों का अभाव है. इसके पहले इस इलाके का भी थाना करौं ही था. थाना बनने के बाद लोग शिकायत लेकर दूर जाने की परेशानी से बचे. यह थाना सीमावर्ती क्षेत्रों से घिरा हुआ है.
एक तरफ जामताड़ा व दूसरी तरफ गिरिडीह जिले का सीमावर्ती क्षेत्र है. एक छोटे से पुराने व जर्जर भवन में थाना चल रहा है. पुलिस कर्मियों के रहने का क्वार्टर भी जर्जर अवस्था में है. मुख्य पथ से थाना पहुंचने वाली सड़क भी काफी जर्जर अवस्था में है.
थाना में एक पुलिस जीप के अलावा वैन है. गश्ती के लिए मिली जीप भी खटारा हो चुका है. बिना धक्का दिये जीप स्टार्ट नहीं होता. थाना प्रभारी के अलावे छह एसआइ, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक हवलदार, एक मुंशी, चार गार्ड, एक वाहन चालक व 15 चौकीदार कार्यरत हैं.
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