110 दिनों में 76 दलित प्रताड़ना के केस
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Apr 2018 3:09 AM
विज्ञापन
देवघर : समाज में अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय प्रताड़ना का मामला आये दिन बढ़ता जा रहा है. कानून कठोर बनाये गये हैं, फिर भी घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है. जनवरी 2018 से 22 अप्रैल तक के आंकड़ाें को देखा जाये तो 76 दलितों ने न्यायालय की शरण ली है. दलित प्रताड़ना के […]
विज्ञापन
देवघर : समाज में अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय प्रताड़ना का मामला आये दिन बढ़ता जा रहा है. कानून कठोर बनाये गये हैं, फिर भी घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है. जनवरी 2018 से 22 अप्रैल तक के आंकड़ाें को देखा जाये तो 76 दलितों ने न्यायालय की शरण ली है.
दलित प्रताड़ना के शिकार हुए लोगों ने न्याय के लिए विभिन्न थाना क्षेत्रों में मुकदमा दर्ज कराया है. कई ऐसे मामले हैं जो किसी कारणवश थाना में दर्ज नहीं हो पाते हैं तो कोर्ट में दर्ज कराये गये हैं. 110 दिनों में 76 केस स्पेशल कोर्ट में दर्ज हो चुके हैं. जिनमें से जिन मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुका है, उनका ट्रायल चल रहा है. दर्ज मुकदमों में सबसे अधिक अनुसूचित जाति के 69 मामले हैं. जबकि, अनुसूचित जनजाति के महज सात केस हैं. इसमें से जाति सूचक शब्द लगा कर गाली देने, अपमानित करने, अपहरण करने, महिलाओं के साथ अभद्रता के आदि शामिल हैं.
सुनवाई के लिए बना है स्पेशल कोर्ट एसीसी व एसटी के मामलों के लिए स्पेशल कोर्ट बना है. जिसमें पूरे जिले के सभी थाना क्षेत्रों में दर्ज किये मुकदमों का ट्रायल होता है. जिले के किसी भी थाना क्षेत्र में दलितों या आदिवासियों के साथ इस प्रकार की घटनाएं होती हैं तो वह दर्ज कर स्पेशल कोर्ट में भेज दिया जाता है.
स्पेशल कोर्ट के जज को भी स्पेशल जज के नाम से लोग जानते हैं. कोई भी शिकायतवाद किसी को दाखिल करने की नौबत होती है तो इसी न्यायालय के नाम से दाखिल करने होते हैं.
पिछले वर्ष दर्ज हुए थे 156 मामले
पिछले साल वर्ष 2017 के आंकड़ों को देखा जाये तो जनवरी से दिसंबर तक 156 मामले दर्ज हुए. जिसमें से सौ मुकदमों में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया था. शेष का अनुसंधान जारी है. आरोप पत्र दाखिल किये गये मामलों का ट्रायल चला जिसमें से 32 मामलों का निष्पादन हुआ. अधिकांश मामलों में सुलह हो गया. करीब एक दर्जन मामलों में केस करने वालों ने मजबूती से गवाही दी व सजाएं भी मिली.
केस स्टडी – एक
मधुपुर थाना क्षेत्र के दुलीडीह गांव के रहने वाले तेजो दास हैं. इन्होंने गांव के उपेंद्र पांडेय, गोपाल पांडेय व मुड़ल पांडेय के विरुद्ध स्पेशल कोर्ट में मुकदमा किया है व न्याय की गुहार लगायी है. कहा है कि वह मजदूरी करता है. गांव में मजदूरी कर रहा था. उन्हें पेशाब लगी तो आरोपितों की खाली जमीन की ओर गया. जहां पर उन्हें जाति सूचक गाली दी व उनके साथ मारपीट कर दी. इसकी शिकायत थाना में दर्ज नहीं करने पर कोर्ट की शरण ली है. इसे दर्ज कर सुनवाई के लिए रखा गया है.
केस स्टडी -दो
धीरेंद्र मांझी ने स्पेशल कोर्ट में दलित प्रताड़ना का केस किया है. इस मुकदमा में मधुपुर थाना के लालगढ़ गांव निवासी लखी रवानी, साजन रवानी, पवन रवानी व दिनेश रवानी को आरोपित किया है. कहा है कि परिवादी दलित समुदाय से आता है जिससे जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. आरोपितों ने लाठी व रॉड से प्रहार किया व अपमानजनक गाली दी. इस केस को संबंधित थाना को जांच के लिए कोर्ट ने आदेश दिया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










