जहां नारी का सम्मान, वहीं होता है देवताओं का वास : देवी गौरी

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जहां नारी का सम्मान, वहीं होता है देवताओं का वास : देवी गौरी

प्रतिमाओं को गाजे बाजे के साथ नगर भ्रमण कराया

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पत्थलगड्डा. नावाडीह बाजोबार स्थित मोरशेरवा पहाड़ी मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय महायज्ञ में प्रवचन सुनने के लिए भक्तों की भीड़ पहुंच रही है. पत्थलगड्डा के अलावा गिद्धौर, चतरा, सिमरिया प्रखंड के भी लोग पहुंच रहे हैं. कथावाचिका देवी गौरी प्रिया ने महायज्ञ के आठवें दिन अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा में नारियों को देवी का रूप माना गया है. जिस घर में नारी का सम्मान होता है, वहां देवता वास करते है. साथ ही सभी कार्य सफल होते हैं. नारियों का सम्मान करने से परिवार में सुख, शांति व समृद्धि आती है. नारियों काे सम्मान देेने से ही शिक्षा व रोजगार के अवसर मिलते हैं. नारी का सम्मान करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है. परिवार में सुख-समृद्धि आती है. उन्होंने कहा कि नारी ही माता के रूप में प्रथम गुरु होती है. जब नारी शक्ति प्रबुद्ध होगी, तभी देश समृद्ध होगा. प्रवचनकर्ता शिव महाराज ने कहा कि हमारे देश में नारी पूजनीय है. नारी शक्ति के रूप है. जहां नारी का सम्मान नहीं होता है, वहां कलह व द्वेष उत्पन्न होता है. भारत के सभी ग्रंथों में नारी को सम्मान दिया गया है. देवी-देवता भी नारी का सम्मान करते है. गुरुवार की शाम सभी प्रतिमाओं को गाजे बाजे के साथ नगर भ्रमण कराया गया. इसके बाद शुक्रवार को सभी मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न कराया गया. यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. यज्ञ को सफल बनाने में यज्ञ समिति के लोग लगे हुए हैं.

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