मंदिर में दीपक जलाते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, बढ़ सकता है वास्तु दोष और नहीं मिलेगा पूजा का पूरा फल

पूजा के दौरान दीपक जलाते समय कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए? AI image
Vastu Tips: पूजा करते समय हम अक्सर ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिन पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता. लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, यही भूलें आपकी पूजा पर असर डाल सकती हैं. अगर आप भी रोजाना मंदिर में दीपक जलाते हैं, तो पहले जान लीजिए वे 5 बातें जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.
Vastu Tips: सनातन धर्म में पूजा-पाठ को बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है और कोई भी पूजा बिना दीपक जलाए कभी भी पूरी नहीं मानी जाती है. मान्यताओं के अनुसार, जब आप घर पर दीया जलाते हैं तो उससे नेगेटिव एनर्जी दूर होती है और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ने लग जाती है. अगर आप भी पूजा-पाठ करते समय मंदिर में दीया जलाते हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके काम का है. वास्तु शास्त्र के अनुसार दीया जलाने का भी एक सही तरीका होता है. अगर हम पूजा करते समय दीपक से जुड़ी कुछ छोटी-छोटी गलतियों पर ध्यान न दें, तो इससे वास्तु दोष लग सकता है और घर में परेशानियां आ सकती हैं. तो चलिए जानते हैं दीया या फिर दीपक जलाते समय ध्यान में रखने लायक 5 सबसे जरूरी बातें, ताकि आपकी पूजा पूरी तरह से सफल हो सके.

गलत दिशा में भूलकर भी न रखें दीपक
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आप पूजा कर रहे हैं तो दीपक को सही दिशा में रखना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, दीपक की लौ यानी कि इसकी ज्योति को हमेशा ही पूर्व या फिर उत्तर दिशा की तरफ करके रखना चाहिए. जब आप इसे पूर्व दिशा में करके रखते हैं तो आपको आरोग्य और लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है, जबकि उत्तर दिशा की तरफ लौ रखने से घर में धन और समृद्धि आने लगती है. दीपक को गलती से भी दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके न रखें. ऐसा माना जाता है कि दक्षिण दिशा यमराज और पितरों की दिशा होती है, इसलिए इस दिशा में दीपक जलाने से पैसों का नुकसान हो सकता है.
ये भी पढ़ें: सुबह किचन में सबसे पहले किस चीज की सफाई करनी चाहिए? गैस, स्लैब या फिर सिंक में कौन आता है पहले? यहां जानें सही क्रम
खंडित या टूटे हुए दीपक का इस्तेमाल न करें
आपको हमेशा इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि पूजा में इस्तेमाल होने वाला दीपक कहीं से भी चटका हुआ या फिर टूटा हुआ नहीं होना चाहिए. किसी भी पूजा कार्य में खंडित यानी कि टूटी हुई चीजों का इस्तेमाल करना बहुत ही ज्यादा अशुभ माना जाता है. अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको पूजा का फल नहीं मिलता है और साथ ही घर में वास्तु दोष भी पैदा होता है. अगर मिट्टी का दीपक थोड़ा सा भी टूट जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए. वहीं, अगर आप पीतल या फिर मेटल के दीपक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इस बात पर ध्यान जरूर दें कि वह पूरी तरह से साफ और सही कंडीशन में हो.
तेल और घी के अनुसार सही बाती का चुनाव जरूरी
वास्तु के अनुसार, दीपक जलाते समय सही बाती का चुनाव करना भी आपके लिए उतना ही जरूरी हो जाता है. अक्सर लोग यह गलती करते हैं कि किसी भी तरह के दीपक में कोई भी बाती इस्तेमाल कर लेते हैं. यह पूरी तरह से गलत है, क्योंकि नियमों के मुताबिक अगर आप देसी घी का दीपक जला रहे हैं, तो हमेशा रुई की गोल बाती का इस्तेमाल करना चाहिए. लेकिन अगर आप तिल या फिर सरसों के तेल से दीपक जला रहे हैं, तो लंबी वाली बाती का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है. जब आप सही बाती का इस्तेमाल करते हैं, तो आप पर भगवान की कृपा बनी रहती है.
ये भी पढ़ें: मोरपंख की असली ताकत जानकर रह जाएंगे हैरान, किस्मत और जिंदगी बदलनी है तो इसे घर की इन जगहों पर जरूर रखें
दीपक बुझाने का गलत तरीका न अपनाएं
आपको शायद यह जानकर हैरानी हो, लेकिन पूजा खत्म होने के बाद या फिर दीपक जलने के दौरान अगर आप उसे बुझा रहे हैं, तो उसका तरीका भी हमेशा सही होना चाहिए. आपको कभी भी दीपक को फूंक मारकर नहीं बुझाना चाहिए. अगर आप फूंक मारकर दीपक को बुझाते हैं, तो इसे काफी ज्यादा अशुभ माना गया है. इसके अलावा, दीपक को हाथ से या किसी कपड़े से हवा करके अचानक बुझाना भी सही नहीं है. शास्त्रों के अनुसार, दीपक को अपने आप शांत होकर खुद बुझना चाहिए. अगर किसी भी कारण से दीपक को शांत करना आपके लिए जरूरी है, तो आप थोड़े से चावल या फिर फूल की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करके भी उसे सम्मानपूर्वक शांत कर सकते हैं.
एक दीपक से दूसरा दीपक न जलाएं
अक्सर जब हम पूजा कर रहे होते हैं, तो एक जलते हुए दीपक से दूसरा दीपक जलाने की गलती कर बैठते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है. अगर आप ऐसा करते हैं, तो यह घर में बीमारियां और पैसों से जुड़ी दिक्कतों को बढ़ा सकती है. शास्त्रों के अनुसार, हर दीपक को जलाने के लिए माचिस या अलग से किसी साधन का ही इस्तेमाल करना चाहिए. एक दीपक से दूसरे दीपक को प्रज्वलित करने से पूजा का सम्पूर्ण पुण्य हासिल नहीं होता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By सौरभ पोद्दार
सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन टॉपिक्स पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की हिंदी में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और SEO-फ्रेंडली होते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










