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Chaibasa News : सेल से वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग करेंगे ग्रामीण, वैकल्पिक व्यवस्था हो

Updated at : 29 May 2025 11:37 PM (IST)
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Chaibasa News : सेल से वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग करेंगे ग्रामीण, वैकल्पिक व्यवस्था हो

सेल से वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग करेंगे ग्रामीण, वैकल्पिक व्यवस्था हो

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गुवा . स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के बोकारो इस्पात संयंत्र के अधीन गुवा आयरन ओर माइंस (संपदा विभाग) की ओर से हाल ही में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गयी. जिसमें रेलवे साइडिंग की विस्तार परियोजना के तहत गुवा क्षेत्र में बसी कई बस्तियों को अतिक्रमित करार देते हुए 10 दिनों के भीतर स्थल खाली करने का निर्देश दिया गया है.

इस नोटिस ने इलाके के निवासियों, खासकर नानक नगर और ढीपा साईं के लोगों में भारी चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है. बुधवार देर शाम ढीपा साईं में नानक नगर व ढीपा साईं के सैकड़ों ग्रामीणों ने एक आपातकालीन सामूहिक बैठक की. इसमें निर्णय लिया गया कि विस्थापन की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय निवासियों की बात सुनी जानी चाहिए. इसके लिए सेल गुवा प्रबंधन व बोकारो इस्पात संयंत्र से दो प्रमुख मांगें की जायेंगी. जिसमें विस्थापन के नियमों का सख्ती से पालन करने एवं फिर से सर्वेक्षण कर वास्तविक स्थिति की निष्पक्षता से जांच कराना शामिल है. बैठक में सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जब तक इस समस्या का स्थायी और न्यायोचित समाधान नहीं हो जाता, तब तक सभी लोग एकजुटता और संगठनबद्ध रहेंगे.

10 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का दिया गया है निर्देश:

सेल गुवा प्रबंधन की ओर से जारी नोटिस में सेल गुवा के लीज क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे कुछ क्षेत्रों के निवासियों को चिह्नित किया गया है. इसमें नानक नगर, ढीपा साईं, स्टेशन कॉलोनी, पुट साइडिंग क्षेत्र, डीबी क्षेत्र, डीवीसी सब स्टेशन, जटाहाटिंग व पंचायत भवन क्षेत्र शामिल हैं. इन सभी क्षेत्रों के निवासियों को 10 दिनों के भीतर स्थल खाली करने काे कहा गया है.

रेलवे साइडिंग विस्तार परियोजना प्रबंधन की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा:

प्रबंधन का कहना है कि यह कदम रेलवे साइडिंग विस्तार परियोजना की बाधाओं को दूर करने के लिए उठाया गया है. गुवा क्षेत्र में सेल का उद्देश्य लौह अयस्क की ढुलाई को गति प्रदान करना व व्यवस्थित करना है. यह परियोजना सेल की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है. बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बस्तीवासियों को हटाये जाने से विवाद उत्पन्न हो गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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