Chaibasa News : रेलवे ने भारत भवन चौक के गेट को किया बंद, भड़के यात्रियों ने हंगामा कर तोड़ा ताला
Published by : ATUL PATHAK Updated At : 12 Apr 2026 11:32 PM
रेल प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ स्थानीय लोगों और यात्रियों का फूटा गुस्सा
चक्रधरपुर. चक्रधरपुर में रेल प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ स्थानीय लोगों और यात्रियों का गुस्सा शनिवार रात में फूट पड़ा. ट्रेनों की लगातार लेट-लतीफी से परेशान जनता के सब्र का बांध तब टूट गया, जब रेलवे ने शहर की महत्वपूर्ण सड़क भारत भवन चौक पर बैरिकेडिंग कर फाटक में ताला जड़ दिया. यात्रियों को अपनी ट्रेन छूटने का डर सताने लगा. गुस्साये यात्रियों ने एकजुट होकर गेट का ताला तोड़ दिया और रास्ता खोल दिया.
दोबारा ताला लगाने पर बढ़ा आक्रोश :
मामला शनिवार रात करीब 10:25 बजे का है, जब आरपीएफ के जवानों ने भारत भवन चौक स्थित फाटक को बंद कर उसमें ताला जड़ दिया. उस समय कई यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन की ओर जा रहे थे. अचानक रास्ता बंद होने से अफरा-तफरी मच गयी. यात्रियों को ट्रेन छूटने का डर सताने लगा. विरोध करने पर भी जब समाधान नहीं निकला, तो यात्रियों ने एकजुट होकर फाटक का ताला तोड़ दिया. सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए देर रात दोबारा ताला लगा दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया.कोलकाता जाने वाले यात्रियों की बढ़ी मुसीबत :
चक्रधरपुर से कोलकाता के लिए चलने वाली अधिकांश महत्वपूर्ण ट्रेनें रात के समय ही प्रस्थान करती हैं और सुबह वापस आती हैं. रात में फाटक बंद रहने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों, महिलाओं और बच्चों को स्टेशन तक पहुंचने में भारी सुरक्षा और यातायात संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. स्थानीय लोगों के अनुसार भारत भवन चौक की यह सड़क चक्रधरपुर की लाइफलाइन है. यह सड़क रेलवे स्टेशन और रेलवे अस्पताल को जोड़ती है. इस मार्ग के बंद होने से केवल शहरवासी ही नहीं, बल्कि पूरी विधानसभा क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों के हजारों लोग प्रभावित होंगे. रेलवे अस्पताल जाने वाले मरीजों के लिए यह सबसे सुगम रास्ता है. अब उन्हें लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ेगा.डीआरएम के आश्वासन के बाद भी बंद हुआ फाटक
यात्रियों ने बताया कि पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीआरएम तरुण हुरिया ने स्पष्ट कहा था कि भारत भवन का गेट बंद नहीं होगा. उन्होंने आश्वासन दिया था कि यदि आवश्यकता हुई भी, तो इसे केवल रात 12:00 बजे से सुबह तक ही बंद किया जायेगा. पर शनिवार की इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि धरातल पर इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है. रेलवे प्रशासन धीरे-धीरे उन तमाम रास्तों को बंद करने की योजना बना रहा है जो सिविल एरिया की ओर खुलते हैं. सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन फाटकों को खोलने और बंद करने की कोई निश्चित समय सारणी जारी नहीं की गयी है. प्रशासन की इस मनमानी से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों में रोष है. उन्होंने अब एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है.– इस मामले की जानकारी नहीं है. रेलवे संपत्ति की सुरक्षा आरपीएफ के अधीन है. रात में गेट बंद करना सुरक्षा के लिहाज से लिया गया कदम हो सकता है. सुरक्षा की दृष्टिकोण से रेलवे क्षेत्र के सड़क मार्गों पर गेट लगाया गया है, ताकि रात में रेलवे कॉलोनियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
-आदित्य चौधरी
, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह जनसंपर्क अधिकारीप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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