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Chaibasa News : चिरिया खदान के 245 मजदूरों के भविष्य का फैसला आज

4 Jan, 2026 11:41 pm
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Chaibasa News : चिरिया खदान के 245 मजदूरों के भविष्य का फैसला आज

मजदूरों ने सेल प्रबंधन को सात दिनों का दिया अल्टीमेटम, फिर होगी तालाबंदी,बोकारो में ठेका कंपनी और निदेशक के साथ होगी वार्ता

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मनोहरपुर.

चिरिया माइंस से छंटनी का दंश झेल रहे 245 मजदूरों के भविष्य का फैसला सोमवार को बोकारो में होगा. यहां सेल के कार्यपालक निदेशक और ठेका प्रबंधन (एनएसआइपीएल) के साथ बैठक होगी. इसमें यह फैसला लिया जायेगा कि छंटनीग्रस्त मजदूरों को काम दिया जाये या नहीं. इधर मजदूर समेत उनके परिवार की नजर कल की बैठक पर टिकी है. विधायक जगत माझी ने सोमवार से चिरिया माइंस में काम शुरू होने की संभावना जतायी है. उन्होंने कहा कि जिले के डीसी ने भी आश्वासन दिये हैं. साथ ही सेल के बोकारो कार्यालय के अधिकारी भी माइंस में खनन चालू करने संबंधी निर्णय ले सकते हैं.

विधायक ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो हमलोग दोबारा धरना पर बैठेंगे. उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र के मजदूर काम नहीं करेंगे, तो वहां कोई काम नहीं करेगा. चिरिया के मजदूर नेता घनश्याम हरिजन ने बताया कि सोमवार को सेल प्रबंधन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया जायेगा. सोमवार का दिन चिरिया के ठेका मजदूरों के लिए खास दिन होने वाला है. इस दिन सेल के कार्यपालक निदेशक और ठेका कंपनी एनएसआइपीएल अधिकारियों के बीच बोकारो में छंटनीग्रस्त मजदूरों के मामले को लेकर वार्ता होनी है. सोमवार को ही विभिन्न मजदूर संगठन सेल प्रबंधन को पीटिशन भी देंगे. पीटिशन में मजदूरों की वापसी अन्यथा सेल कार्यालय में तालाबंदी का अल्टीमेटम दिया जायेगा. सोमवार को बड़ी संख्या में मजदूर जुटेंगे और धरना में शामिल होंगे. मालूम रहे कि अक्तूबर से चिरिया माइंस के मजदूरों को काम नहीं मिलने की वजह से उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. मजदूरों में सेल प्रबंधन और माइंस की ठेका कंपनी नारायणी संस प्राइवेट लिमिटेड के प्रति खासा आक्रोश देखा जा रहा है.

वर्ष 2017 से लगातार हो रही है मजदूरों की छंटनी

चिरिया की दुबिल खदान में काम करने वाले मजदूरों की संख्या 1400 के करीब थी. विभिन्न अवसरों पर वर्ष 2017 से मजदूरों की छंटनी होते होते वर्तमान में मजदूरों की संख्या 245 रह गयी थी. इन्हें हाल के महीनों में साइडिंग पुल टूटने के कारण बंद हुई ट्रांसपोर्टिंग के कारण घाटा का हवाला देते हुए ठेका प्रबंधन ने श्रम मंत्रालय से छंटनी का आवेदन किया था. इसपर श्रम मंत्रालय का फैसला ठेका प्रबंधन के हित में आया था. इसके बाद 245 मजदूरों को काम से बैठा दिया गया. अब जब पुल बन चुका है. माइंस से ट्रांसपोर्टिंग समेत अन्य कार्य सुचारू ढंग से हो सकेगा. इसके तहत अब मजदूर माइंस में काम की मांग कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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