Chaibasa News : जिले में छह हजार से अधिक फाइलेरिया के मरीज : सीएस

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चाईबासा : सदर अस्पताल में जिला स्तरीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण को लेकर प्रशिक्षण आयोजित, हर शुक्रवार स्पेशल क्लिनिक का संचालन होगा

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चाईबासा.सदर अस्पताल चाईबासा के सभागार में शनिवार को सिविल सर्जन डॉ सुशांतो मांझी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण को लेकर प्रशिक्षण दिया गया. सीएस डॉ मांझी ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, जो मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है. जिसका सिर्फ बचाव ही एक मात्र उपाय है. बचाव के लिए एमडीए के दौरान सभी को दवाओं को खाना चाहिए. 2027 तक फाइलेरिया को ख़त्म करने का लक्ष्य है. उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का समुचित इलाज करें और प्रत्येक शुक्रवार को फाइलेरिया क्लिनिक का संचालन करें. जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ मीना कालुंडिया ने बताया कि सभी स्टेज 3 से ऊपर के फाइलेरिया मरीजों का विकलांगता प्रमाणपत्र बनाकर उन्हें सरकारी विकलांगता पेंशन से जोड़ा जा रहा है.

जिले में 1500 से अधिक हाइड्रोसिल के मरीज

जिला समन्वयक सह प्रशिक्षक शशि भूषण महतो ने बताया कि वर्तमान में 6 हजार से ज्यादा फाइलेरिया से संक्रमित मरीज जिला में हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चिन्हित कर योजना का लाभ दिया जा रहा है. जिले में 1500 से ज्यादा हाइड्रोसिल के मरीज हैं, जिनका लिस्ट बनाकर ऑपरेशन किया जा रहा है. अभी हाइड्रोसिल का ऑपरेशन सदर अस्पताल चाईबासा, अनुमंडलीय अस्पताल चक्रधरपुर व जगन्नाथपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुमारडुंगी, खूंटपानी व मनोहरपुर में निःशुल्क किया जा रहा है. प्रशिक्षण में चिकित्सा पदाधिकारी, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, भीबीडी इंचार्ज, एएनएम आदि मौजूद थे.

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