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रेलवे यात्रियों को अब मुआवजे के लिए नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर, घर बैठे क्लेम के लिए ऐसे करे आवेदन

Updated at : 27 Feb 2026 8:37 PM (IST)
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Railway e-RCT System

Railway e-RCT System

Railway e-RCT System: रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी राहत! अब मुआवजे के लिए अदालतों के चक्कर नहीं काटने होंगे. भारतीय रेलवे ने e-RCT पोर्टल लॉन्च किया है, जिससे हादसों या सामान के नुकसान का क्लेम अब घर बैठे ऑनलाइन दर्ज होगा. वीडियो कॉल पर सुनवाई और डिजिटल ट्रैकिंग से अब न्याय मिलेगा और भी आसान.

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Railway e-RCT System: भारतीय रेलवे अपने सिस्टम को पूरी तरह हाई-टेक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा चुका है. अब ट्रेन हादसों, सामान की चोरी या नुकसान से जुड़े मुआवजे (Claim) के लिए यात्रियों को महीनों इंतज़ार नहीं करना होगा. रेलवे ने e-RCT (इलेक्ट्रॉनिक रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल) सिस्टम पेश किया है, जिससे क्लेम की पूरी प्रक्रिया अब आपकी उंगलियों पर होगी.

क्या है e-RCT?

e-RCT एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो कागजी कार्रवाई के पुराने और उबाऊ सिस्टम को खत्म कर देगा. अब तक यात्रियों को अपने हक का पैसा पाने के लिए फिजिकल फाइलें जमा करनी पड़ती थीं और ट्रिब्यूनल के चक्कर लगाने पड़ते थे. लेकिन इस नए ऑनलाइन सिस्टम के आने से क्लेम दर्ज करने से लेकर फैसले तक का सारा काम कंप्यूटर या मोबाइल के जरिए पारदर्शी तरीके से होगा.

इन मामलों में ऑनलाइन मिलेगा मुआवजा:

इस पोर्टल के जरिए यात्री कई तरह की शिकायतों के लिए क्लेम कर सकेंगे:

  • ट्रेन दुर्घटनाओं से जुड़े गंभीर मामले.
  • यात्रा के दौरान सामान का नुकसान या चोरी होना.
  • टिकट रिफंड से जुड़े विवाद.
  • रेलवे की लापरवाही से होने वाली अन्य असुविधाएं.

क्लेम दर्ज करने की आसान प्रक्रिया

नया सिस्टम स्टेप-बाय-स्टेप गाइड के साथ आता है ताकि आम आदमी को आवेदन में दिक्कत न हो:

  • आप देश के किसी भी कोने से पोर्टल पर लॉगिन करके अपना केस फाइल कर सकते हैं.
  • फॉर्म भरते समय सिस्टम खुद बताएगा कि कौन से दस्तावेज जरूरी हैं, ताकि कोई गलती न हो.
  • जैसे ही आप क्लेम सबमिट करेंगे, सॉफ्टवेयर तुरंत उसे संबंधित अधिकारी को भेज देगा, जिससे ह्यूमन एर्रर की संभावना खत्म हो जाएगी.

वीडियो कॉल पर होगी सुनवाई

इस सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत इसकी ई-हियरिंग सुविधा है. अब गवाही या सुनवाई के लिए आपको ट्रिब्यूनल ऑफिस जाने की मजबूरी नहीं होगी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जज और वकील से बात की जा सकेगी. इससे न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि कानूनी खर्च भी कम होगा. आप अपने केस का स्टेटस लाइव ट्रैक कर सकेंगे कि आपकी फाइल अभी किस टेबल पर है.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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