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Chaibasa News: जिले में मोती व मछली पालन की असीम संभावनाएं, खेती कर आत्मनिर्भर बनें किसान

Updated at : 11 Apr 2025 12:26 AM (IST)
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Chaibasa News: जिले में मोती व मछली पालन की असीम संभावनाएं, खेती कर आत्मनिर्भर बनें किसान

तांतनगर में 50 किसानों को मिला मछली व मोती पालन का प्रशिक्षण

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तांतनगर.तांतनगर प्रखंड के कोकचो पंचायत भवन में 50 किसानों के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन गुरुवार को हुआ. यह प्रशिक्षण पुरती एग्रोटेक रांची की ओर से मत्स्य किसान मोती पालन समूह ने दिया. प्रशिक्षण के समापन समारोह में मत्स्य निदेशालय रांची के निदेशक एचएन द्विवेदी ने कहा कि मोती पालन प्रशिक्षण लिये किसानों को धरती आबा नाम से विभाग 90 फीसदी अनुदान पर तालाब बनाकर देगा, उसमें मोती पालन व मछली पालन किसान आत्मनिर्भर बनेंगे.

पश्चिमी सिंहभूम में मोती पालन की असीम संभावनाएं हैं. सिंहभूम भौगोलिक स्थिति से भी अच्छी है. उन्होंने किसानों को कहा जो भी जरूरी संसाधन की जरूरत होगी, उसे पूरा किया जायेगा. किसानों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी. हर किसान एनएफडीपी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें.

मोती व मछली पालन में ज्यादा अंतर नहीं : प्रशांत

मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र रांची के मुख्य निदेशक प्रशांत कुमार दीपक ने कहा कि मोती पालन व मछली पालन में ज्यादा अंतर नहीं है. किसान दोनों खेती एक साथ कर इसका लाभ ले सकते हैं. किसानों को विस्तृत प्रशिक्षण रांची में दिया जायेगा. उन्होंने मोती पालन संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि किसान ड्राम या सीमेंट टैंक बनाकर घर के पास भी खेती कर सकते हैं. मोती पालन में बहुत ज्यादा आमदनी होगी. मोती पालन कर जिला के किसान समृद्ध बनें, यही मेरी इच्छा है. यदि जिले में अच्छी खेती होगी, तो हजारीबाग से क्लस्टर को यहां लाया जायेगा. किसान समूह में आगे बढ़ें, पूरा सहयोग मिलेगा.

मोती पालन के लिए तालाब बनाने में टाटा स्टील फाउंडेशन से सहयोग लें : प्रबंधक

टाटा स्टील फाउंडेशन प्रबंधक शिवशंकर कांडेयांग ने कहा कि प्रशिक्षण लिये किसान यदि मोती पालन के लिए तालाब बनवाते हैं, तो टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा सीएसआर के तहत मिलने वाला लाभ दिया जायेगा. प्रशिक्षित किसानों को मोती का बाजार मिलना चाहिए. वहीं, संत जेवियर्स कॉलेज रांची के प्राचार्य डॉ शुक्ल ने कहा कि हर क्षेत्र में अकेले चलना मुश्किल है. उसी को दूर करने के लिए किसान एक साथ आयें और समूह बनाकर मछली व मोती पालन की खेती कर आगे बढ़ें. जिला मत्स्य पदाधिकारी जीनत फातिमा ने कहा कि जिला में मोती व मछली पालन की असीम संभावनाएं हैं. यहां के किसान तालाबों में टू इन वन के तहत खेती कर लाभ उठायें और समृद्धि बनें.

जिप सदस्य ने दिया सहयोग का भरोसा

तांतनगर प्रखंड के जिला परिषद सदस्य जवाहर बोयपाई ने मोती पालन प्रशिक्षण लिये किसानों को उत्साहित करते हर परिस्थिति में सहयोग करने का भरोसा दिलाया. वहीं, कोकचो पंचायत की मुखिया मनीला देवगम ने भी किसानों काे सहयोग करने का भरोसा दिया.

प्रशिक्षक ने बताये सीप की खेती का तरीका

पुरती एग्रोटेक रांची के सीइओ सह प्रशिक्षक बुधन सिंह पुरती ने मोती पालन संबंधी सीपों की सर्जरी व खेती करने का तौर-तरीका बताया और सर्जरी में प्रयोग होने वाली सामग्री से लोगों को अवगत कराया. पानी की क्वालिटी व क्वांटिटी की विस्तृत जानकारी दी. इससे पूर्व समापन समारोह में आये अधिकारी को किसान समूह की ओर से शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. वहीं, अधिकारियों के हाथों प्रशिक्षण लेने वाले 20 किसानों को प्रमाण पत्र भी दिया गया. किसानों द्वारा सीपों की सर्जरी कर दिखाया गया. अधिकारियों ने सीप पालन का बारिकी से अवलोकन किया. स्वागत भाषण ब्रजकिशोर देवगम ने, मंच का संचालन किसान संजय बुड़ीउली व धन्यवाद ज्ञापन रितेश तामसोय ने किया.

कार्यक्रम में थे उपस्थित

मोती पालन किसान समूह के अध्यक्ष विश्वनाथ तमसोय, सोमनाथ बिरुवा, बालेश्वर हेम्ब्रम, बुधन सिंह पुरती, आकाश पुरती, अविनाश सामड पंकज कुमार गौड़, रितेश तमसोय, मथुरा नाथ चाम्पिया आदि.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MANJEET KUMAR PANDEY

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By MANJEET KUMAR PANDEY

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