Bokaro News : कहीं 100, कहीं 150 वर्षों से हो रही काली पूजा
Published by : JANAK SINGH CHOUDHARY Updated At : 17 Oct 2025 10:22 PM
Bokaro News : फुसरो शहर के कई काली मंदिरों से लोगों की आस्था जुड़ी है.
फुसरो, फुसरो शहर के भेड़मुक्का बस्ती, पांच नंबर धौड़ा रेलवे साइडिंग, गोरांगो कॉलोनी, फुसरो दुर्गा मंदिर और पेटरवार प्रखंड के पिछरी स्थित काली मंदिरों से लोगों की आस्था जुड़ी है. इन मंदिरों में प्रत्येक वर्ष प्रतिमा स्थापित कर मां काली की पूजा की जाती है. यहां मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालुओं की ओर से बकरों की बलि भी दी जाती है. भेड़मुक्का बस्ती के मंदिर में 100 साल से भी अधिक समय से ढोरी बस्ती के सातों टोला के लोग मिल कर पूजा करते आ रहे हैं. यहां मेला भी लगता है और सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन भी होता रहा है.
पांच नंबर धौड़ा रेलवे साइडिंग के निकट सीसीएल मजदूरों द्वारा चबूतरा बना कर मां काली की पूजा की शुरू की गयी थी. इसके बाद में साइडिंग के निकट वर्ष 1984 में मंदिर का निर्माण कराया गया. पूजा कमेटी में शामिल लोगों ने बताया कि इस बार पूजा धूमधाम से की जायेगी. सिंहनगर के समीप गोरांगो कॉलोनी स्थित काली मंदिर में लगभग 43 वर्षों से पूजा की जा रही है. जब गोरांगो कॉलोनी शिफ्ट हुआ था, तो यहां मंदिर का निर्माण कराया गया. फुसरो बैंक मोड़ स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में भी मां काली की प्रतिमा स्थापित कर वर्षों से पूजा की जा रही है.पिछरी बस्ती में राजा कामाख्या नारायण सिंह ने करायी थी शुरू
इधर पिछरी बस्ती स्थित काली मंदिर में लगभग 153 साल से काली पूजा हो रही है. इसकी शुरुआत रामगढ़ के राजा कामाख्या नारायण सिंह ने की थी. बाद में ग्रामीणों के सहयोग से यहां भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है. यहां लगभग दस टोला के लोग सार्वजनिक रूप से पूजा करते हैं. मंदिर प्रांगण में दूसरे दिन बकरे की बलि दी जाती है. मेला भी लगता है. लगभग 32 वर्ष पूर्व धधकीडीह में काली मंदिर का निर्माण कर पूजा की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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