Bokaro News : ठगी के तरीके बदल रहे हैं साइबर अपराधी, रहें सावधान

Published by :JANAK SINGH CHOUDHARY
Published at :17 Apr 2026 11:46 PM (IST)
विज्ञापन
Bokaro News : ठगी के तरीके बदल रहे हैं साइबर अपराधी, रहें सावधान

Bokaro News : इन दिनों बोकारो के चिकित्सक, अभियंता, पुलिस अधिकारी, शिक्षक सहित अन्य लोगों को साइबर अपराधी निशाने पर ले रहे हैं.

विज्ञापन

इन दिनों बोकारो के चिकित्सक, अभियंता, पुलिस अधिकारी, शिक्षक सहित अन्य लोगों को

साइबर अपराधी निशाने पर ले रहे हैं. पिछले एक माह में आधा दर्जन से अधिक लोगों के बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ा दिये गये. ठगी के शिकार

कई लोग थाना तक नहीं गये.

साइबर अपराधी ठगी के तरीके बदल रहे हैं. अब बिना ओटीपी पूछे भी बैंक खाते से राशि की अवैध निकासी हो जा रही है. बातचीत में उलझा कर

साइबर अपराधी पैसे उड़ा ले रहे हैं.

ऐसे बनाया जा रहा है शिकार

दो दिन पहले सेक्टर तीन, बोकारो निवासी डॉ आरके सिंह को एक कॉल आया. कॉल करने वाले खुद को कस्टम अधिकारी बताया और कहा कि मुंबई से ताइवान के लिए उनके नाम से कूरियर बुक किया गया है. इसमें उनका आधार व पैन कार्ड लगा है. कंसाइनमेंट में अवैध नशीला पदार्थ है. कंसाइनमेंट कैंसिल करने के लिए तुरंत आधार कार्ड व पैन कार्ड भेजे. मोबाइल पर एक सॉफ्टवेयर भेजा गया है, उसे डाउनलोड करें. आधे घंटे तक बातचीत के बात डॉ सिंह को समझ में आया तो उन्होंने कॉल काट दिया. बैंक को कॉल कर खाता होल्ड पर डाला. इस तरह

साइबर ठग का शिकार

होने से बचे.

चीरा चास के बृजमोहन लाल दास को तीन दिन पहले एक महिला ने फोन किया और अपना परिचय तीस हजारी कोर्ट दिल्ली की न्यायिक अधिकारी के रूप में दिया. कहा कि कोर्ट में उनके नाम से एक केस चल रहा है. इस केस को जल्द निपटाने के लिए मदद देने की पेशकश की. आधार कार्ड व्हाट्सएप के जरिए जल्द भेजने को कहा. अचानक श्री दास को लगा कि नियम से कोर्ट का कागज स्थानीय पुलिस के माध्यम से मेरे पास आना चाहिए था. इसके बाद उन्होंने जल्दी से कॉल काट दिया.

एसपी और साइबर एक्सपर्ट ने कहा

बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि

साइबर अपराध लगातार बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया गया है.

साइबर ठगी होने पर घटना की जानकारी थाना में दें. पुलिस

साइबर सेल के सहयोग से आपके बैंक खाते की सुरक्षा करेंगे. अनजान कॉल को अधिक देर तक एंटरटेन नहीं करें.

साइबर थाना, सेक्टर वन के इंस्पेक्टर अनिल कच्छप ने कहा कि

साइबर अपराधी ठगी के तरीके बदल रहे हैं. डिजिटल वॉयस टेक्नोलॉजी से भी ठगने की शुरुआत हो गयी है.

साइबर अपराधी आपकी आवाज को डिजिटल तकनीक से एकत्रित कर परिचितों से पैसा भी मांग सकता है. सावधान रहने की जरूरत है.

इन बातों का रखें ध्यान

यूपीआइ रिफंड स्कैम :

यूपीआइ का उपयोग ज्यादा होने लगा है.

साइबर अपराधी ऐप में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं.

यूपीआइ रिफंड का लालच देकर फ्रॉड करने की फिराक में रहते हैं. रिफंड के दौरान वेरीफाई कर लें. वेरीफाई के बाद ही कोई पेमेंट करना चाहिए.

ओटीपी स्कैम :

सबसे ज्यादा फ्रॉड ओटीपी के माध्यम से किया जाता है. फेक मैसेज भेज कर अपराधी ओटीपी या पिन डिटेल लेने की कोशिश करते हैं. डिटेल देते ही आपके खाते से पैसे की निकासी कर लेते हैं. ओटीपी और पिन नंबर किसी से शेयर नहीं करना चाहिए.

फेक डिलीवरी स्कैम :

साइबर अपराधी इ-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की

फर्जी वेबसाइट के माध्यम से सामानों पर बंपर ऑफर पेश करते हैं. इसके माध्यम से ओटीपी आदि की जानकारी जुटा कर अकाउंट में घुसपैठ करते हैं. केवल रजिस्टर्ड जगहों से सामान का लेनदेन करना चाहिए. कोशिश करें कि कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा हो.

फर्जी बिल से धोखाधड़ी

बिजली बिल ऑनलाइन भुगतान करते हैं, तो सावधान रहने की जरूरत है.

साइबर ठग मैसेज या कॉल कर कहते हैं यदि तुरंत एक निश्चित नंबर पर कॉल नहीं करते हैं, तो आपका बिजली कनेक्शन काट दिया जायेगा. ऐसी स्थिति में मैसेज की सत्यता की जांच करे, फिर कोई रिस्पॉन्स दें.

विज्ञापन
JANAK SINGH CHOUDHARY

लेखक के बारे में

By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola