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Bokaro News : बीएंडके एरिया के नये जीएम ने संभाला प्रभार

Updated at : 14 Dec 2024 10:51 PM (IST)
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Bokaro News : बीएंडके एरिया के नये जीएम ने संभाला प्रभार

Bokaro News :सीसीएल बीएंडके एरिया के नये जीएम चितरंजन कुमार ने शनिवार की शाम को निवर्तमान जीएम के रामाकृष्णा से प्रभार लिया.

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फुसरो. सीसीएल बीएंडके एरिया के नये जीएम चितरंजन कुमार ने शनिवार की शाम को निवर्तमान जीएम के रामाकृष्णा से प्रभार लिया. दोनों ने एक-दूसरे को बुके देकर स्वागत किया. बाद में नये जीएम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बीएंडके एरिया की प्रतिष्ठा बरकरार रखी जायेगी. इससे सीसीएल का नंबर वन एरिया बनाने का प्रयास होगा. मजदूरों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, यूनियन प्रतिनिधियों, रैयतों व विस्थापितों के साथ सामंजस्य बना कर माइंस चलायी जायेगी. आउटसोर्सिंग के साथ-साथ डिपार्टमेंटल कार्यों को बढ़ावा दिया जायेगा. बंद कारो परियोजना को चालू किया जायेगा. रैयतों व विस्थापितों की समस्याओं को दूर कर माइंस का विस्तार किया जायेगा. उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है. सीएसआर मद से क्षेत्र के विकास में योगदान दिया जायेगा. शिक्षा, चिकित्सा, खेलकूद व विकास कार्यों को प्रमुखता दी जायेगी. मौके पर सीसीएल के कई अधिकारी मौजूद थे. मालूम हो कि श्री कुमार इसके पहले बीसीसीएल में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे. कुछ दिनों पहले ही सीसीएल में उनका स्थानांतरण हुआ था. बेरमो के कथारा एरिया अंतर्गत स्वांग-गोविंदपुर परियोजना में वह वर्ष 2011-12 में मैनेजर रहे थे.

नये जीएम के सामने बीएंडके एरिया को पटरी पर लाना होगी चुनौती

बेरमो. सीसीएल बीएंडके एरिया के नये महाप्रबंधक चितरंजन कुमार के सामने एरिया को कोयला उत्पादन-उत्पादकता के मामले में पटरी पर लाने की चुनौती होगी. फिलहाल कोल इंडिया के मेगा प्रोजेक्ट में शामिल एरिया की एकेके, कारो के अलावा बोकारो कोलियरी में माइंस विस्तारीकरण में शिफ्टिंग समस्या है. कारो ओसीपी से 30 नवंबर से कोयला उत्पादन जगह नहीं मिलने के कारण बंद है. एकेके में बरवाबेड़ा गांव के शिफ्ट नहीं होने से माइंस का विस्तारीकरण बाधित है. बोकारो कोलियरी से भी सालाना मात्र तीन लाख टन कोयला उत्पादन हो रहा है और यह सालाना 70-80 करोड़ रुपये के घाटे में चल रही है. यहां भी अगले वित्तीय वर्ष में माइंस का विस्तारीकरण जरूरी है.

जानकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष में एरिया का कोयला उत्पादन लक्ष्य नौ मिलियन टन है. 13 दिसंबर तक 39 लाख 29 हजार 613 टन ही उत्पादन किया जा सका है. शेष साढ़े तीन माह में 50 लाख 70 हजार टन उत्पादन करना होगा. एकेके परियोजना का चालू वित्त वर्ष में उत्पादन लक्ष्य सात मिलियन टन है. 13 दिसंबर तक 22 लाख 13 हजार 145 टन उत्पादन हुआ है. कारो ओसीपी का उत्पादन लक्ष्य 17 लाख टन था. 30 नवंबर तक 16.42 लाख टन उत्पादन किया था. बोकारो कोलियरी का उत्पादन लक्ष्य तीन लाख टन है. 13 दिसंबर तक 74139.54 टन उत्पादन हुआ है. 2.25 लाख टन शेष साढ़े तीन माह में करना होगा. एरिया का ओबी निस्तारण का लक्ष्य चालू वित्त में 9650000 घन मीटर टन है. 13 दिसंबर तक 4667291 लाख घन मीटर टन हुआ है. अभी 4982709 लाख घन मीटर टन ओबी निस्तारण करना है. वहीं चालू वित्तीय वर्ष में कोयला डिस्पैच का लक्ष्य 10721257 टन है. 13 दिसंबर तक 4101143.85 टन हुआ है. अभी 6620113.2 टन करना शेष है. मालूम हो कि आने वाले दो- तीन वर्षों में इस एरिया का उत्पादन सालाना 20 मिलियन टन तक ले जाने की दिशा में कोल इंडिया गंभीरता से काम कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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