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एस्ट्रो फोटोग्राफिक हब बनेगा झारखंड का पलामू टाइगर रिजर्व, 8 अगस्त को एस्ट्रो फोटोग्राफी की होगी शुरुआत, खींची जायेंगी खगोलीय तस्वीरें

Updated at : 05 Jul 2021 2:34 PM (IST)
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एस्ट्रो फोटोग्राफिक हब बनेगा झारखंड का पलामू टाइगर रिजर्व, 8 अगस्त को एस्ट्रो फोटोग्राफी की होगी शुरुआत, खींची जायेंगी खगोलीय तस्वीरें

Jharkhand News, पलामू न्यूज (सैकत चटर्जी) : देश में पलामू टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा डार्क साइट मिले हैं, जो कि हिमालय क्षेत्र की तुलना में ज्यादा हैं. इससे अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफरों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ी है. ऐसे में यह अब प्रसिद्ध वन्य आश्रयणी होने के साथ-साथ एस्ट्रो फोटोग्राफिक हब बनने की ओर अग्रसर है. जानकारी के अनुसार, डार्क साइट फाइंडर वेबसाइट में पीटीआर के बड़े हिस्से को बतौर डार्क साइट चिह्नित किया गया है. डार्क साइट वाली जगह पर लाइट पॉल्यूशन कम रहता है, जिससे एस्ट्रो फोटोग्राफी की जा सकती है. इसमें मुख्य रूप से खगोलीय तस्वीरें खींची जाती हैं.

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Jharkhand News, पलामू न्यूज (सैकत चटर्जी) : देश में पलामू टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा डार्क साइट मिले हैं, जो कि हिमालय क्षेत्र की तुलना में ज्यादा हैं. इससे अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफरों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ी है. ऐसे में यह अब प्रसिद्ध वन्य आश्रयणी होने के साथ-साथ एस्ट्रो फोटोग्राफिक हब बनने की ओर अग्रसर है. जानकारी के अनुसार, डार्क साइट फाइंडर वेबसाइट में पीटीआर के बड़े हिस्से को बतौर डार्क साइट चिह्नित किया गया है. डार्क साइट वाली जगह पर लाइट पॉल्यूशन कम रहता है, जिससे एस्ट्रो फोटोग्राफी की जा सकती है. इसमें मुख्य रूप से खगोलीय तस्वीरें खींची जाती हैं.

पलामू टाइगर रिजर्व अभी पसंदीदा जगह बन गयी है. वैसे पूर्व में देश में हिमालय क्षेत्र को एस्ट्रो फोटोग्राफी के लिए सबसे बेहतर माना था, क्योंकि यहां भी काफी डार्क साइट पाये जाते हैं. एस्ट्रो फोटोग्राफी मुख्य रूप से अमावस्या और उसके एक-दो दिन आगे-पीछे की जाती है. इसके लिए आसमान और उसके आसपास अंधेरा होना जरूरी है. पूरी दुनिया के फोटोग्राफर इसके लिए ऐसी जगहों की तलाश करते हैं और अमावस्या के आसपास वहां पहुंच कर फोटोग्राफी करते हैं.

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पलामू टाइगर रिजर्व के दक्षिणी प्रमंडल के उपनिदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि पीटीआर में देश-विदेश से फोटोग्राफर आयें, इसके लिए जाने-माने फोटोग्राफर मुकेश श्रीवास्तव से बात की गयी है. आठ अगस्त को अमावस्या के समय उनके नेतृत्व में पीटीआर में पहली बार एस्ट्रो फोटोग्राफी की शुरुआत की जायेगी. इसके लिए मरोमार को केंद्र बनाया जायेगा. पूरा पीटीआर एस्ट्रो फोटोग्राफी के लिए अनुकूल है.

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150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान व पुरस्कार विजेता मुकेश श्रीवास्तव ने प्रभात खबर को बताया कि पीटीआर में एस्ट्रो फोटोग्राफी की शुरुआत होने से इलाके को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी. यह विद्या फोटोग्राफी में काफी पुरानी है, लेकिन अभी पूरी दुनिया में इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है. धनबाद के रहनेवाले श्री श्रीवास्तव ने यूके, जर्मनी, हॉलैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, इटली आदि जगहों में जाकर भी फोटोग्राफी का जलवा बिखेरा है.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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