बेगूसराय में दशकों से जर्जर सड़क पर चल रहे ग्रामीण, शिलान्यास के बाद भी अधूरा पड़ा निर्माण कार्य

जर्जर सड़क
Begusarai News: गढ़पुरा पंचायत के धरमपुर से एकम्बा चौक तक जाने वाली सड़क पिछले एक दशक से जर्जर अवस्था में पड़ी है। सड़क की बदहाली से ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. विडंबना यह है कि निर्माण कार्य की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद सड़क निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है.
Begusarai News : (शशिकांत प्रसाद वर्मा)
गढ़पुरा पंचायत के धरमपुर से एकम्बा चौक तक जाने वाली सड़क पिछले एक दशक से जर्जर अवस्था में पड़ी है। सड़क की बदहाली से ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. विडंबना यह है कि निर्माण कार्य की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद सड़क निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है.
करोड़ों के विकास दावों के बीच सड़क बनी परेशानी की वजह
ग्रामीणों का कहना है कि करीब दस वर्ष पहले जिला परिषद योजना के तहत इस सड़क का पीसीसी निर्माण कराया गया था. लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि महज दो-तीन महीने के भीतर ही सड़क की ढलाई उखड़ गई और मार्ग फिर पुराने ईंट सोलिंग वाले स्वरूप में बदल गया. आज हालत यह है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है.
कई बार आवेदन, लेकिन नहीं मिली राहत
ग्रामीण विनोद कुमार बिमलेन्दु, सुरेंद्र महतो, वार्ड सदस्य पानालाल पासवान, मनोज यादव, मो. जसीम और मो. रुस्तम समेत अन्य लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रखंड और जिला स्तर पर आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.
शिलान्यास हुआ, उम्मीद जगी, फिर ठप पड़ गया निर्माण
ग्रामीणों के अनुसार तत्कालीन विधायक सूर्यकांत पासवान ने अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में सड़क निर्माण का शिलान्यास किया था. इसके बाद एकम्बा चौक की ओर से निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश हुई, लेकिन गड्ढों को भरे बिना ढलाई शुरू किए जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया. उनका कहना था कि धरमपुर दूध सेंटर की ओर से सड़क अपेक्षाकृत समतल है, इसलिए निर्माण वहीं से शुरू होना चाहिए.
नई ढलाई में अगले ही दिन पड़ गईं दरारें
विरोध के बाद निर्माण एजेंसी द्वारा दूध सेंटर की ओर से पीसीसी ढलाई कराई गई, लेकिन अगले ही दिन सड़क में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं। इसके बाद ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया.
जांच हुई, निर्देश भी मिला, लेकिन नहीं बदली तस्वीर
28 जून 2025 को ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन एसडीओ चंदन कुमार और कार्यपालक अभियंता जितेंद्र कुमार ने स्थल निरीक्षण कर नई ढलाई हटाकर पुनः निर्माण कराने का निर्देश दिया था. मामला प्रमुखता से समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुआ, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है.
बारिश में बन जाती है मुसीबत का रास्ता
ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही सड़क पर जलजमाव और कीचड़ की स्थिति बन जाती है. ऐसे में इस मार्ग से गुजरना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता. स्कूली बच्चों, किसानों और आम लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.
मंत्री से शिकायत के बाद भी नहीं निकला समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय विधायक एवं गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान से भी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है. इससे लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है.
समय सीमा खत्म, फिर भी अधूरा है निर्माण
जानकारी के अनुसार इस सड़क का निर्माण कार्य 6 जून 2025 से शुरू होकर 5 जून 2026 तक पूरा होना था। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका है. ऐसे में ग्रामीण अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांग रहे हैं कि आखिर कब तक उन्हें बदहाल सड़क का दंश झेलना पड़ेगा.
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By विवेक सिंह
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