साइबर थाना : प्रतिबिंब ऐप के सहारे साइबर थाना ने 150 से अधिक फ्राड को पहुंचाया जेल

01, 02, 03 | Prabhat Khabar Network
बोकारो साइबर थाना ने प्रतिबिंब ऐप की मदद से 150 से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जानें कैसे रहें सुरक्षित और साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय।
बोकारो: डिजिटल तरीक से बोकारोवासियों को ठगना अब साइबर अपराधियों को महंगा पड रहा है. प्रतिबिंब ऐप के जरिये साइबर थाना की टेक्निकल टीम ने पिछले छह माह में 150 से अधिक साइबर फ्राड को जेल पहुंचाया है. 100 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबर को रडार पर रखा है.
टेक्निकल टीम सभी नंबर की जांच कर रही है. सभी नंबरों की कुंडली खंघालने में जुटी हुई है. इसके बाद भी लगातार साइबर अपराधी नये-नये नंबर का इस्तेमाल आम जनता को ठगने के लिए कर रहे है. हाल के दिनों में साइबर फ्राड ने चिकित्सकों के समूह को निशाना बनाया है.
डॉ सुनील कुमार, डॉ सुधीर कुमार, डॉ सुजीत कुमार, डॉ वीरेंद्र कुमार सहित कई चिकित्सकों के मोबाइल को ही हैक कर लिया. एक चिकित्सक के नंबर से दूसरे चिकित्सक को मैसेज कर मदद के रूप में पैसे की मांग करने लगे. सतर्कता से चिकित्सक बचे.
टीम ने तोडा था चार बडे साइबर अपराध नेटवर्क
साइबर टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों ने पता लगाया था कि चीरा चास के विभिन्न इलाके, बारी को-ऑपरेटिव कॉलोनी, आदर्श को-ऑपरेटिव कॉलोनी, नवीन को-ऑपरेटिव कॉलोनी, चास के शांति नगर, फुसरो में साइबर अपराधियों का जमावडा होता है. यहां जामताड़ा, देवघर, गिरिडीह, बिहार के नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, जहानाबाद, दरभंगा, पटना के साइबर अपराधियों का नेटवर्क खडा हो रहा है. चार बडे नेटवर्क को तोडा गया. आज भी पुलिस लगातार साइबर अपराध के खिलाफ अभियान जारी है. नाथू सिंह मीणा ने कहा कि साइबर अपराध लगातार बढते जा रहे है. साइबर ठग तरीके भी बदल रहे है. जनता सहयोग करे. घटना की जानकारी किसी भी थाना को दे. साइबर अपराध अनुसंधान विभाग तुरंत मामले की तहकीकात करेगी. आपकी चुप्पी साइबर अपराधियों के हौसले को बढायेंगे. हम आपकी सुरक्षा के लिए है.
क्या कहते हैं साइबर एक्सपर्ट
इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह ने कहा कि यदि कोई भी कॉल कानूनी दाव पेंच से जुड़ी आती है, तो सतर्क हो जाए. किसी भी न्यायालय व अन्य जगह के कानूनी मामले होने पर निश्चित रूप से स्थानीय थाने से आपको सूचना मिलेगी. यदि आपसे सीधे कोई दूसरे प्रदेश या जिला में केस मुकदमा होने की बात कहता है.
निपटारे के लिए आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज शेयर करने को कहता है, तो सावधान हो जाए. ध्यान रखें कि कोई भी अनजान कॉल को अधिक देर तक एंटरटेन नहीं करें. रोजाना साइबर क्राइम करने के तरीके बदले जा रहा है. डिजिटल वॉयस टेक्नोलॉजी से नये ठगने के तरीके इस्तेमाल हो रहे है.
साइबर अपराधी आपकी आवाज को डिजिटल तकनीक से एकत्रित कर आपके परिचितों से पैसा भी मांग सकता है. सावधान रहने की जरूरत है. नजदीकी थाने को इसकी सूचना जरूर दें.
इन बातों का रखें पूरा ध्यान
- यूपीआई रिफंड स्कैम : वर्तमान समय में यूपीआई का ज्यादा उपयोग होने लगा है. किराना दुकान से लेकर मॉल तक में यूपीआई से पेमेंट किया जा रहा है. ऐसे में साइबर अपराधी टारगेट करके ऐप में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं. साइबर अपराधी यूपीआई रिफंड का लालच देकर फ्रॉड करने की फिराक में रहते हैं. रिफंड के दौरान वेरीफाई कर लें. वेरीफाई के बाद ही कोई पेमेंट करना चाहिए.
- ओटीपी स्कैम : सबसे ज्यादा फ्रॉड ओटीपी के माध्यम से किया जाता है. एक फेक मैसेज के तहत अपराधी फ्रॉड ओटीपी या पिन डिटेल लेने की कोशिश करते हैं. डिटेल के साथ आपके खाते से पैसे काट लेते हैं. ओटीपी और पिन को संभालकर रखना चाहिए. किसी से डिटेल शेयर नहीं करनी चाहिए.
- फेक डिलीवरी स्कैम : साइबर अपराधी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की फर्जी वेबसाइट के माध्यम से सामनों पर बंपर ऑफर पेश करते हैं. ऑफर पर लोगों से ओटीपी आदि के माध्यम से जानकारी जुटाते हैं. इसकी मदद से अकाउंट में घुसपैठ करते हैं. केवल रजिस्टर्ड जगहों से सामनों की लेनदेन करनी चाहिए. कोशिश करें कि कैश ऑन डिलीवरी करें.
- फर्जी बिल से धोखाधड़ी : बिजली बिल ऑनलाइन भुगतान करते हैं, तो आपको नए तरीके के बारे में जानना चाहिए, जिसका उपयोग जालसाज लोगों को धोखा देने के लिए कर रहे हैं. कई यूजर्स को व्हाट्सएप पर गलत नंबरों से संदेश प्राप्त हो रहे हैं. कहा जाता है कि यदि तुरंत एक निश्चित नंबर पर कॉल नहीं करते हैं, तो बिजली कनेक्शन जल्द ही काट दिया जाएगा. मैसेज की सत्यता की जांच करे, फिर कोई रिस्पॉन्स दें.
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By Prabhat Khabar News Desk
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