Bokaro News : मिटने के कगार पर हैं पिंड्राजोरा के काजू वन

Bokaro News : चास प्रखंड अंतर्गत चाकुलिया टोला मधुटांड़ और कुरमा गांव के पास काजू वन का अस्तित्व मिटने के कगार पर है.
चास प्रखंड अंतर्गत चाकुलिया टोला मधुटांड़ और कुरमा गांव के पास काजू वन का अस्तित्व मिटने के कगार पर है. लगभग पांच दशक पूर्व यहां 400 से 500 काजू के पेड़ थे. आज इसकी संख्या 60-70 रह गयी है. देखरेख तथा संरक्षण के अभाव में यह हाल हुआ है. अभी भी ध्यान नहीं दिया गया तो इसका अस्तित्व ही मिट जायेगा. ग्रामीणों के अनुसार 25 साल पूर्व कैटल गार्ड की नियुक्ति होती थी, जो काजू के पेड़ों की भी देखरेख करते थे. जानकारी के अनुसार कैटल गार्ड आज भी जंगलों के निगरानी के लिए है, लेकिन पहले की देखरेख नहीं होती है. जिला वन पदाधिकारी संदीप शिंदे ने कहा कि काजू के पेड़ों तथा फल को नष्ट करने पर रोक लगायी जायेगी. फोरेस्ट गार्ड को भेज कर जानकारी ली जायेगी. ग्रामीणों को भी जागरूक किया जायेगा.
क्या कहते हैं बुजुर्ग ग्रामीण
कुरमा के प्रफुल्ल प्रमाणिक ने कहा कि हम लोग बचपन से ही काजू के पेड़ जंगल में देखते आ रहे हैं. करीब 60 साल पूर्व वन विभाग द्वारा कुरमा गांव के जंगल में काजू के पौधे लगाये गये थे. लेकिन अब काजू के पेड़ लुप्त होने के कगार पर हैं.
मोंटू गोप ने कहा कि देखरेख और संरक्षण के अभाव में काजू वन का यह हाल हो गया है. बचे हुए पेड़ों को बचाने की जरूरत है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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