Bokaro News : जोजिला टनल में लगा है बीएसएल का 5,000 टन से अधिक स्टील

Published by : JANAK SINGH CHOUDHARY Updated At : 10 Jun 2026 11:32 PM

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Bokaro News : जोजिला टनल में बीएसएल का 5,000 टन से अधिक स्टील लगा है.

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दुनिया की सबसे लंबी दो-तरफा सुरंग “जोजिला टनल ” में बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) का 5,000 टन से अधिक फौलादी स्टील लगा है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 11,578 फीट की ऊंचाई पर बनी 13.14 किमी लंबे जोजिला टनल का मंगलवार को एक विस्फोट के बाद अंतिम ब्रेक थ्रू हो गया. यह देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में एक अहम पड़ाव होगा. इसके पूरा होने पर कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी बनी रहेगी. सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक महारत्न कंपनी सेल ने जोजिला सुरंग परियोजना के लिए सबसे ज्यादा 31,000 टन से ज़्यादा स्टील की आपूर्ति की है. इसमें टीएमटी री-बार, स्ट्रक्चरल स्टील और प्लेट्स शामिल हैं. इसमें से 5,000 टन से अधिक स्टील बीएसएल का है.

जोजिला टनल का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. यह सुरंग 9.5 मीटर चौड़ी, 7.57 मीटर ऊंची और 13.153 किलोमीटर लंबी है, जो समुद्र तल से लगभग 11,578 फुट की ऊंचाई पर है. यह घोड़े के नाल (हॉर्स शू) के आकार की सिंगल-ट्यूब, दो-लेन वाली सड़क सुरंग है. श्रीनगर-लेह

राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित यह भू-सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सुरंग लद्दाख को साल भर सड़क संपर्क प्रदान करेगी. यह खतरनाक जोजिला दर्रे के आर-पार नागरिकों व सैन्य आवाजाही दोनों को सुगम बनायेगी. भारी हिमपात के कारण यह दर्रा सर्दियों के तीन महीनों के लिए यातायात के लिए बंद रहता है.

राष्ट्रीय महत्व के कई अन्य प्रोजेक्ट में भी दिया है योगदान

जम्मू-कश्मीर में बने दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज में भी बीएसएल का फौलादी स्टील लगा है. बीएसएल-सेल ने फ्रांस के एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज के लिए 16,000 टन स्टील (टीएमटी उत्पाद, स्ट्रक्चरल स्टील, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट, स्टील प्लेट्स व चेकर्ड प्लेट) की आपूर्ति की है. बीएसएल ने बांद्रा-वर्ली सी-लिंक के साथ मुंबई में अटल सेतु, अरुणाचल में सेला सुरंग, हिमाचल में अटल सुरंग व

राष्ट्रीय महत्व के कई प्रोजेक्ट्स में स्टील की आपूर्ति की है. मालूम हो कि सामरिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बीएसएल डीएमआर 249ए ग्रेड स्टील का उत्पादन लंबे अर्से से कर रहा है. इसका उपयोग आइएनएस विक्रांत, आइएनएस विंद्यागिरी, आइएनएस महेंद्रगिरी आदि युद्धपोतों में किया गया है. मौसम प्रतिरोधक सेल कोर-ए ग्रेड इस्पात व अन्य इस्पात का निर्माण हो रहा है.

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